चमोली, 24 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Chamoli News : सिक्किम के नामची जिले में हुए एनएचपीसी सुरंग हादसे में उत्तराखंड के चमोली जिले के रहने वाले युवा इंजीनियर प्रवीन नेगी की दर्दनाक मौत हो गई। 20 जुलाई 2026 की दोपहर को दक्षिण सिक्किम के सामरदुंग में स्थित निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक संदिग्ध मीथेन गैस का जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाके के साथ ही सुरंग का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और अंदर काम कर रहे अधिकारी तथा कर्मचारी वहीं फंस गए।
विस्फोट के समय प्रवीन नेगी सुरंग के अंदर ही अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। जहरीली गैस के फैलाव और भारी मात्रा में मलबे के गिरने से अंदर मौजूद कर्मियों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। बचाव दलों ने लगातार कई दिनों तक बेहद जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के जमाव के कारण राहत कार्य में भारी अड़चनें आईं, जिसके चलते अंदर फंसे प्रवीन नेगी को बचाया नहीं जा सका।
प्रवीन नेगी मूल रूप से चमोली जिले के गुनियाला गांव के निवासी थे। उनके निधन की आधिकारिक सूचना मिलते ही गुनियाला गांव और आसपास के इलाकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में चूल्हे तक नहीं चले। स्थानीय लोग और रिश्तेदार शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं।
इंजीनियर प्रवीन नेगी अपने व्यवहार से हर किसी का दिल जीत लेते थे। वे अपने सरल, हंसमुख और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए पूरे इलाके में जाने जाते थे। गांव के बुजुर्गों का सम्मान करना और युवाओं का मार्गदर्शन करना उनकी आदत में शामिल था।
अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रवीन ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत एचसीसी की मायापुर-पीपलकोटी परियोजना से की थी। वहां अपनी कार्यकुशलता साबित करने के बाद उन्होंने देश की विभिन्न महत्वपूर्ण रेलवे और निर्माण परियोजनाओं में अपनी सेवाएं दीं।
हाल के दिनों में वे सिक्किम में एनएचपीसी की सुरंग परियोजना से जुड़े थे और अपने करियर में तेजी से आगे बढ़ रहे थे। इस अचानक हुए हादसे ने उनके उज्ज्वल भविष्य और परिवार की उम्मीदों को खत्म कर दिया। समाज ने एक होनहार, मेहनती और संस्कारी युवा इंजीनियर को हमेशा के लिए खो दिया है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और प्रवीन के सहकर्मियों ने उनके असामयिक निधन पर गहरा दुख जताया है। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस विकट घड़ी को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।









