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Chardham Yatra 2026: कूड़ा फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, सीएम धामी ने दिए ड्रोन मॉनिटरिंग के निर्देश

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देहरादून, 18 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। Chardham Yatra 2026 को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी यात्रा को ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास, पर्यटन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ अब कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यात्रा की शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन से निगरानी और एक आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

केदारनाथ में नई तकनीक. लीद और पिरूल से मिलेगा गर्म पानी

इस बार की यात्रा में केदारनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की जा रही है। धाम और लिंचोली में अब यात्रियों को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी उपलब्ध होगा। इसके लिए देश का पहला अनूठा प्रयोग किया जा रहा है, जिसमें घोड़े-खच्चरों की लीद और जंगलों से एकत्र पिरूल (चीड़ की पत्तियां) से बायोमास पैलेट्स तैयार किए जाएंगे। इन्हीं पैलेट्स से चलने वाले गीजर GMVN के केंद्रों पर लगाए जाएंगे। यह कदम न केवल यात्रियों को राहत देगा, बल्कि लीद के निस्तारण और वनाग्नि को रोकने में भी मददगार साबित होगा।

‘मनी बैक’ योजना और वाटर एटीएम पर जोर

प्लास्टिक बोतलों के बढ़ते अंबार को रोकने के लिए सरकार अब ‘डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम’ को पूरे प्रदेश में विस्तार दे रही है। इसके तहत दुकानों पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य होगा और खाली बोतलें वापस करने पर यात्रियों को पैसे वापस मिलेंगे। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बोतलबंद पानी पर निर्भरता कम करने के लिए पूरे मार्ग पर जगह-जगह वाटर एटीएम और आरओ (RO) प्लांट स्थापित किए जाएं।

व्यवस्थाओं का ढांचा 

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष नागरिक सुविधाओं में बड़ा इजाफा किया गया है।

  • आवास: होटल, धर्मशालाओं और आश्रमों में लगभग 28,395 कमरों और 67,278 बिस्तरों का इंतजाम किया गया है।
  • स्वच्छता: मार्ग पर 37 एमआरएफ केंद्र, 266 कचरा वाहन और 30 नगर निकायों को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है।
  • सुरक्षा व रोशनी: रात के समय सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रमुख मार्गों पर 19,604 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
  • शौचालय: 74 मोबाइल टॉयलेट यूनिट्स के साथ महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

जनभागीदारी से बनेगा हरित अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हरित और सतत विकास’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए एनसीसी कैडेट्स, महिला मंगल दल और स्वयंसेवी संस्थाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। यात्रा मार्ग पर क्यूआर (QR) कोड आधारित फीडबैक सिस्टम भी लागू होगा, जिससे यात्री सीधे अपनी शिकायत या सुझाव सरकार तक पहुंचा सकेंगे।

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