अल्मोड़ा, 22 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अल्मोड़ा जिले के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने दन्या में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला।
उत्तराखंड देवभूमि है और यहां के लोगों की भगवान पर अटूट आस्था है। सरकार आस्था के केंद्रों को संवारने का काम कर रही है। इस विकास कार्य पर भी कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है।
धामों का विकास इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन पौराणिक स्थलों में सबकी गहरी आस्था जुड़ी है। आज इन मंदिरों और धामों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को सीधे रोजगार मिल रहा है।
सरकार ने इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के बड़े कार्य किए हैं। आदि कैलास हो या जागेश्वर धाम, अब लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड आमद का सीधा असर स्थानीय जनता की आर्थिकी पर पड़ रहा है।
सरकार ने राज्य में रंग-बिरंगी चादर डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की है। महिलाओं के उत्पीड़न को पूरी तरह रोका गया है। प्रदेश में कड़ा भू-कानून लाया गया है और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर सबको बराबर अधिकार दिए गए हैं।
उत्तराखंड में 250 अवैध मदरसों को पूरी तरह बंद कराया गया है। यह सख्त फैसले कांग्रेस को रास नहीं आ रहे हैं। वोट बैंक की राजनीति करने वाली कांग्रेस को सरकार की ओर से उठाए गए इन्हीं कदमों से परेशानी हो रही है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी मौसम खराब होने का बहाना बनाकर पहाड़ के बीच रास्ते से ही वापस लौट गए। वह चाहते तो सड़क मार्ग का उपयोग करके भी अल्मोड़ा आ सकते थे।
चुनाव के समय कांग्रेस मैदान में आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। भाजपा सरकार और संगठन के सभी लोग एक ही लक्ष्य लेकर लगातार जनता के बीच जा रहे हैं। विपक्ष के नेता पंतनगर से ही वापस लौट जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी अल्मोड़ा के पांडेखोला स्थित शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के आवास पर पहुंचे। उन्होंने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर आगमन के बाद से इस पूरे क्षेत्र में विकास की नई बयार बह रही है। बाबा जागेश्वर की कृपा और सामूहिक शक्ति के बल पर उत्तराखंड निरंतर आगे बढ़ रहा है।
जागेश्वर धाम के कायाकल्प के लिए 147 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य चल रहा है। मानसखंड माला मिशन के अंतर्गत जागेश्वर, आदि कैलाश, कैंची धाम और कौसानी जैसे पौराणिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
इस पूरे पहाड़ी क्षेत्र को हेली सेवा से जोड़ने की कवायद चल रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ऐतिहासिक सुधार किए जा रहे हैं।









