दलेर मेहंदी विवाद में सीएम धामी ने खुद फोन कर मोर्चा संभाला, वहीं मीका सिंह ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से वीडियो जारी कर माफी मांगने की मांग दोहराई।
देहरादून (23 अक्टूबर) : नरेंद्रनगर के सिद्धपीठ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में शुरू हुआ दलेर मेहंदी विवाद अब उत्तराखंड सरकार की चौखट तक पहुंच गया है। मामले को बढ़ता देख मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे मोर्चा संभाला और मशहूर पंजाबी पॉप गायक दलेर मेहंदी से फोन पर बात कर हालात को शांत करने की कोशिश की।
सीएम ने देवभूमि की ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का हवाला देते हुए विवाद खत्म करने का संदेश दिया। दूसरी तरफ, दलेर के भाई और गायक मीका सिंह ने मुख्यमंत्री के कदम का स्वागत करते हुए साफ कर दिया कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को अपने आरोपों पर वीडियो जारी कर सार्वजनिक माफी मांगनी होगी।
सीएम धामी ने संभाला मोर्चा, मीका अड़े माफी पर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले 24 घंटों में इस मामले को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत की है। पहले उन्होंने मीका सिंह से चर्चा की और इसके बाद दलेर मेहंदी को सीधे फोन कर उनका हालचाल जाना। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड हमेशा से कला, संस्कृति और कलाकारों का सम्मान करता आया है और सरकार की मंशा इस मामले को पीछे छोड़कर आपसी संवाद और सकारात्मकता से आगे बढ़ने की है। हालांकि, सीएम की इस पहल के बाद मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर रुख साफ किया।
मीका ने मुख्यमंत्री के संवेदनशील रवैये की तारीफ तो की, लेकिन यह भी जोड़ दिया कि मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर पर नशे में होने का निराधार आरोप लगाया था, इसलिए उन्हें वीडियो जारी कर सफाई और माफी दोनों देनी चाहिए।
कुंजापुरी मेले के मंच से कैसे भड़का विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई थी। आरोप है कि लाइव कंसर्ट के दौरान दलेर मेहंदी मंच पर गाते वक्त बैकग्राउंड साउंड ट्रैक (डबिंग) का सहारा ले रहे थे। इससे दर्शक दीर्घा में मौजूद स्थानीय लोग और प्रशासन असहज हो गए। स्थिति तब बिगड़ गई जब क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल सीधे मंच पर पहुंच गए।
उन्होंने भरी महफिल में माइक से दलेर मेहंदी की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया और बाद में मीडिया से बातचीत में गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के कई कलाकार दलेर के पक्ष में खुलकर सामने आ गए।
सरकार की साख का सवाल, अब निगाहें मंत्री पर
बॉलीवुड कलाकारों की नाराजगी और सोशल मीडिया पर बने माहौल के बाद प्रदेश सरकार डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के बीच राष्ट्रीय स्तर पर कलाकारों से जुड़े ऐसे टकराव राज्य की छवि पर असर डालते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने निजी तौर पर हस्तक्षेप कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार कलाकारों का अपमान बर्दाश्त नहीं करती। अब राजनीतिक गलियारों में निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल अपनी बात पर अडिग रहेंगे या फिर मुख्यमंत्री की साख और इंडस्ट्री के दबाव के बीच कोई बीच का रास्ता निकालेंगे।









