खटीमा में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को दो टूक हिदायत दी कि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें।
खटीमा (उधम सिंह नगर) (25 अक्टूबर) : उत्तराखंड के सरकारी दफ्तरों में अपनी समस्याओं को लेकर चक्कर काट रही आम जनता के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों की सीधी लगाम कसी है। रविवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा स्थित निजी आवास नगला तराई और लोहियाहेड हेलीपैड पर जनता से सीधे संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए बेवजह सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने मौके पर मौजूद उधम सिंह नगर जिले के आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया कि हर एक जनसमस्या का तय समय सीमा में पारदर्शी और प्रभावी समाधान जमीन पर दिखना चाहिए।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचेगी जनता
खटीमा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष तराई क्षेत्र के आम नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिजली, पानी, सड़क और जमीन से जुड़े मामले रखे। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी की बात सुनने के बाद प्रशासनिक मशीनरी को संवेदनशीलता के साथ सक्रिय होने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनता को अगर अपनी वाजिब शिकायतों के लिए भी सरकारी दफ्तरों की सीढ़ियां नापनी पड़ें, तो यह कतई स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की पीड़ा पर फाइलें दबाने के बजाय तुरंत समाधान की दिशा में काम किया जाए।
फाइलों की लेटलतीफी रोकने को 3S फॉर्मूला लागू
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को चुस्त करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ (3S) के संकल्प पर काम कर रही है। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जहां नियम-कायदे जनता की सुविधा के लिए हों, रुकावट के लिए नहीं। सीएम ने कहा कि सिर्फ आवेदन ले लेना ही पर्याप्त नहीं है, जब तक संबंधित नागरिक को संतोषजनक परिणाम न मिले, तब तक जिम्मेदारी खत्म नहीं मानी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ सीमांत क्षेत्र में गतिमान विकास कार्यों और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को और मजबूत बनाने पर भी मंथन किया।
डीएम और एसएसपी को त्वरित निस्तारण के निर्देश
कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति समेत तमाम विभागाध्यक्षों को जनसुनवाई के प्रार्थना पत्रों की सीधी मॉनिटरिंग करने का जिम्मा सौंपा। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री कैप्टन (सेनि.) गंभीर सिंह धामी, सुरेश कोली, रणजीत सिंह नामधारी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, नगर पालिका परिषद खटीमा के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, सतीश भट्ट, रनदीप पोखरिया, वरुण अग्रवाल, अमित पांडे, भवानी भंडारी, पुलिस अधीक्षक (अपराध) अनुषा बडोला और अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन ने जनता से मिले ज्ञापनों पर विभागीय स्तर पर त्वरित जांच और रिपोर्ट तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।









