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हरि सेवा आश्रम पहुंचे सीएम धामी, बोले – यूसीसी और सख्त भू-कानून पर अडिग सरकार

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हरिद्वार, 22 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)। हरिद्वार के हरि सेवा आश्रम में सोमवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संतों के मंच से उत्तराखंड सरकार के सबसे कड़े फैसलों को दोहराया। देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है।

राज्य की सरकारी जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मुहिम तेज हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा कि देवभूमि के भीतर अतिक्रमण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दे रहा है।

उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बनाने का खाका खींचा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी दृढ़ संकल्प के कारण राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को धरातल पर उतारा गया है। इसके साथ ही कड़े भू-कानून को लेकर भी राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नयी पीढ़ी को सनातन परंपराओं और भारतीय दर्शन से सीधे जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की शुरुआत की गई है। इस केंद्र के भीतर भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर उच्च स्तरीय शोध कार्य किए जाएंगे। शिक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव है यह। हरिद्वार की धरती पर भी एक प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश इस वक्त सांस्कृतिक पुनर्जागरण के एक बिल्कुल नए युग का गवाह बन रहा है। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प, महाकाल लोक का निर्माण और केदारनाथ धाम का पुनर्विकास भारत की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को वापस चमका रहा है।

हरि सेवा आश्रम के स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्र और राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए संत समाज से लगातार मार्गदर्शन और आशीर्वाद मांगा। संतों के आशीर्वाद और जनता के सहयोग की बदौलत ही उत्तराखंड को देश का नंबर एक राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है।

श्रीमद्भागवत कथा को केवल एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन न बताते हुए धामी ने इसे मानवता को नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और जीवन के असली उद्देश्यों से जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम करार दिया। संतों और मनीषियों ने हमेशा इतिहास में समाज को रास्ता दिखाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सबसे मुख्य भूमिका निभाई है।

हरिद्वार के इस भव्य कार्यक्रम के दौरान मंच पर उत्तराखंड की राजनीति के कई बड़े चेहरे एक साथ मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण और कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। जुटे दिग्गज नेता। विधायक श्री प्रदीप बत्रा सहित देश के कोने-कोने से आए पूज्य संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पूरे सत्र के साक्षी बने।

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