दून हॉराइज़न, विकासनगर (4 सितंबर): पछवादून की धार्मिक पहचान को एक नया फलक मिल गया है। कालसी और विकासनगर की सीमा से सटे ऐतिहासिक हरिपुर स्थित यमुना कृष्ण धाम (Yamuna Krishna Dham) में मां यमुना की 21 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा आखिरकार स्थापित कर दी गई। गुरुवार को जब पारंपरिक ढोल-दमाऊ और शंखनाद के बीच क्रेन की मदद से प्रतिमा को पीठिका पर स्थापित किया गया, तो पूरा यमुना तट ‘जय मां यमुना’ के जयकारों से गूंज उठा।
यह भी पढ़ें : देहरादून में 15 सितंबर से चलेगा गड्ढामुक्ति अभियान, 30 अक्टूबर तक सुधरेंगी जिले की सभी सड़कें
यह केवल एक मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी नहीं है। असल में यह पूरे पछवादून क्षेत्र को बड़े तीर्थ सर्किट से जोड़ने की ठोस मुहिम का हिस्सा है।
देहरादून जिले का नया कीर्तिमान और आस्था का केंद्र
लोक पंचायत जमुना तीर्थ समिति की देखरेख में पूरा हुआ यह प्रकल्प तकनीकी और धार्मिक, दोनों लिहाज से अनूठा है। समिति के वरिष्ठ सदस्य श्रीचंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि देहरादून जिले की सीमा में स्थापित होने वाली यह मां यमुना की पहली इतनी विशालकाय प्रतिमा है। नदी तट पर स्थापित होने के कारण दूर से ही इसके दर्शन हो सकेंगे।
धाम से जुड़े केसर सिंह नेगी का कहना है कि हरिपुर का पौराणिक महात्म्य सदियों पुराना है, मगर आधुनिक सुविधाओं और प्रतीकों के अभाव में यह मुख्य पर्यटन मानचित्र से छूट रहा था। अब इस 21 फीट की प्रतिमा के साथ ही पूरे परिसर को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्री यहां रात्रि विश्राम भी कर सकें।
सीएम धामी करेंगे लोकार्पण, घाटों के विस्तार की रूपरेखा तैयार
प्रतिमा की स्थापना के बाद अब सबकी नजरें इसके आधिकारिक अनावरण पर टिकी हैं। समिति पदाधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से समय मांगा गया है और जल्द ही लोकार्पण समारोह की अंतिम तारीख सार्वजनिक कर दी जाएगी। इस आयोजन में शासन के कई मंत्रियों और संतों के जुटने की संभावना है।
और केवल प्रतिमा तक ही यह योजना सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में तट पर सुरक्षा रेलिंग, पक्के स्नान घाट और आरती स्थल का दायरा बढ़ाया जाना है। बरसात के बाद जलस्तर सामान्य होते ही तटवर्ती निर्माण कार्यों में तेजी लाने की तैयारी है, ताकि कुंभ या स्नान पर्वों पर जुटने वाली भारी भीड़ को सुगमता से नियंत्रित किया जा सके।
स्थापना के दौरान मौके पर समिति सचिव सतपाल सिंह चौहान, सुंदरलाल नौतियाल, अनिल तोमर, भारत चौहान, जयपाल सिंह चौहान, दिनेश तोमर, चमन नेगी, रणवीर सिंह तोमर, कुंवर सिंह, चंचल चौहान, सागर जोशी, प्रताप सिंह बिष्ट, कांति चौहान, मातवर सिंह पंवार, सुनील वर्मा और विजय राम शर्मा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें : आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10% आरक्षण और बढ़ी पेंशन, खटीमा में बोले मुख्यमंत्री









