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देवभूमि की बेटी पर राजनीति बंद करे कांग्रेस, रामपुर तिराहा कांड याद दिला बोले उनियाल

अंकिता केस में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। 24 घंटे में अरेस्ट, गैंगस्टर एक्ट और सीबीआई सिफारिश गिना राहुल गांधी पर दागे सवाल।

देहरादून (16 अक्टूबर) : अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्षी कांग्रेस के आक्रामक रुख के बीच धामी सरकार ने तीखा राजनीतिक और कानूनी पलटवार किया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, अदालत से उम्रकैद की सजा और मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति तक की पूरी कानूनी टाइमलाइन सार्वजनिक करते हुए कांग्रेस पर ‘गिद्ध राजनीति’ करने का आरोप लगाया।

मंत्री ने कांग्रेस के नैतिक दावों पर सवाल उठाते हुए जेएनयू के प्रोफेसर सांसद पर 11 छात्राओं के कथित यौन शोषण और उत्तराखंड आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा (मुजफ्फरनगर) कांड की याद दिलाकर सीधे राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

कानूनी कार्रवाई गिनाकर सुबोध उनियाल का कांग्रेस पर पलटवार

देहरादून में बयान जारी करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि अंकिता मर्डर केस सामने आते ही शासन-प्रशासन ने बिना किसी देरी के कठोरतम कदम उठाए। विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके साथियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया और अदालत में पुख्ता फॉरेंसिक साक्ष्य व गवाह पेश कर उन्हें उम्रकैद की सजा सुनिश्चित कराई गई।

उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद से दोषियों को एक दिन भी जमानत पर बाहर नहीं आने दिया गया। पीड़ित परिवार की सहमति से विधिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और उनकी मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश भी दिए, साथ ही परिवार को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी भी उपलब्ध कराई गई।

जेएनयू प्रकरण और रामपुर तिराहा कांड पर कांग्रेस से तीखे सवाल

सुबोध उनियाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के उस सांसद और जेएनयू प्रोफेसर की करतूत याद नहीं आती, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक जांच में 11 मेधावी छात्राओं के कथित यौन शोषण का दोषी पाकर नौकरी से बर्खास्त किया था।

मंत्री ने सवाल उठाया कि इस मामले में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीड़ितों के पक्ष में दो शब्द भी क्यों नहीं कहे। इसके साथ ही उन्होंने 2 अक्टूबर 1994 के मुजफ्फरनगर (रामपुर तिराहा) कांड का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारी महिलाओं के साथ हुए अत्याचार के समय केंद्र में कांग्रेस और उत्तर प्रदेश में उसकी सहयोगी सरकार थी, जिसने देवभूमि की मातृशक्ति का अपमान किया। उन्होंने तंदूर कांड और भंवरी देवी प्रकरण का हवाला देते हुए कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए।

गैंगस्टर एक्ट और सीबीआई जांच पर कानूनी स्थिति साफ

कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल दिवंगत बेटी के नाम पर जनता के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य की जनता ने लोकसभा चुनाव, विधानसभा उपचुनाव, निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा पर भरोसा जताकर विपक्ष के इन हथकंडों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रही है और कानून ने अपना काम पूरी सख्ती से किया है। संवेदनशील मामलों में तथ्यहीन आरोप लगाकर देवभूमि की छवि खराब करने की किसी भी कोशिश को राज्य की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

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