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Daler Mehendi Controversy : सुनंदा शर्मा की जगह आए थे दलेर मेहंदी, विवाद के बाद सामने आया सिंगर का जवाब

उत्तराखंड के नरेंद्रनगर मेले में दलेर मेहंदी के मंच पर लिप-सिंक करने पर मंत्री सुबोध उनियाल भड़क उठे। जानिए क्या है पूरा मामला और सिंगर ने क्या सफाई दी।

नरेंद्रनगर (20 अक्टूबर) : उत्तराखंड के नरेंद्रनगर में प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान एक सांस्कृतिक संध्या में उस वक्त हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब मंच पर ओरिजिनल गाने के बजाय कथित तौर पर डबिंग या लिप-सिंक किए जाने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भड़क उठे। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मंत्री ने मंच पर ही गायक दलेर मेहंदी को खरी-खोटी सुनाते हुए दो टूक कह दिया कि जब बोल नहीं पा रहे हैं, तो गाएंगे क्या। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए पंडाल में सन्नाटा छा गया और अफरातफरी का माहौल बन गया।

मंच पर लिप-सिंक देख भड़के मंत्री सुबोध उनियाल

मेले की सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेने के लिए हजारों श्रोता पंडाल में पहुंचे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन कुछ गाने बीतने के बाद मंच के पीछे से किसी दूसरे गायक की रिकॉर्डेड आवाज और संगीत सुनाई देने लगा, जबकि सामने दलेर मेहंदी सिर्फ होंठ हिला रहे थे। इसे भांपते हुए श्रोताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। जनता के आक्रोश को बढ़ता देख मुख्य अतिथि और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल खुद मंच पर पहुंचे। उन्होंने कड़े शब्दों में आपत्ति जताते हुए कहा कि नरेंद्रनगर की जनता उन्हें सुनने आई है, न कि रिकॉर्डेड आवाज पर प्रस्तुति देखने। मंत्री के इस तीखे तेवर से कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए तनाव पैदा हो गया।

ऐन वक्त पर बदलाव और तबीयत का विवाद

मेला समिति के सूत्रों के अनुसार, इस सांस्कृतिक संध्या में मूल रूप से प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा को अपनी प्रस्तुति देनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इसके बाद समिति ने दो दिन पूर्व बॉलीवुड गायक दलेर मेहंदी से संपर्क कर उन्हें उत्तराखंड बुलाया। अंतिम समय में हुए इस बड़े बदलाव के कारण व्यवस्थाओं और रिहर्सल का पूरा समय नहीं मिल पाया।

वहीं, विवाद बढ़ने के बाद दलेर मेहंदी ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और वह लाइव गाने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन जनता के प्यार का सम्मान करने के लिए उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।

पुलिस प्रशासन की सूझबूझ से शांत हुआ माहौल

पंडाल में बढ़ते हंगामे और तनाव को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए नाराज दर्शकों को शांत कराया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती से अपने हाथ में लिया। स्थिति नियंत्रित होने के बाद आयोजकों ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया, जिसके बाद माहौल फिर से सामान्य हुआ। अंत में डीजे की धुन और सामान्य गानों पर दर्शक झूम उठे और कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सका।

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