उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी पर टिप्पणी मामले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने फोन कर माफी मांगी है। मीका सिंह की टीम ने इसकी पुष्टि की।
देहरादून (25 अक्टूबर) : उत्तराखंड के सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में गायक दलेर मेहंदी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में राज्य सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप के बाद अब संबंधित कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने खुद वरिष्ठ गायक दलेर मेहंदी को फोन कर पूरे घटनाक्रम पर माफी मांग ली है। पॉप स्टार मीका सिंह की टीम ने आधिकारिक बयान जारी कर मंत्री द्वारा मांगी गई माफी की पुष्टि की और कहा कि कलाकारों की गरिमा सर्वोपरि है तथा अब इस अध्याय को यहीं समाप्त माना जाए।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने फोन पर मांगी माफी
मीका सिंह की टीम की ओर से जारी बयान के अनुसार, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से फोन पर सीधी बातचीत की और मंच पर हुई घटना को लेकर खेद जताया। टीम ने कहा कि दलेर मेहंदी संगीत जगत के वरिष्ठ हस्ताक्षर हैं और उनका योगदान अतुलनीय है। किसी भी कलाकार के साथ सार्वजनिक मंच पर मर्यादित व्यवहार होना चाहिए। बयान में साफ किया गया कि मंत्री की पहल और माफी के बाद अब वे इस पूरे मामले को तूल नहीं देना चाहते और परस्पर सम्मान के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
नवरात्रि मेले के मंच पर शुरू हुआ था विवाद
विवाद की शुरुआत टिहरी गढ़वाल स्थित मां कुंजापुरी मेले के दौरान हुई थी। शारदीय नवरात्रि के धार्मिक अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। आरोप है कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उनके प्रदर्शन को बीच में रोकते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। मंत्री ने दावा किया था कि गायक कथित तौर पर नशे की हालत में थे और मंच पर लाइव गाने के बजाय केवल लिप-सिंकिंग कर रहे थे। इस सार्वजनिक टिप्पणी के बाद संगीत उद्योग और प्रशंसकों में गहरा रोष फैल गया था, जिसके बाद मीका सिंह ने अपने बड़े भाई के समर्थन में कड़ा रुख अख्तियार किया था।
मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता से टला बड़ा टकराव
कलाकारों के सम्मान से जुड़ा यह मामला तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कमान संभाली थी। मुख्यमंत्री ने खुद मीका सिंह और दलेर मेहंदी से विनम्रतापूर्वक संवाद किया था और मंत्री की ओर से खेद व्यक्त करते हुए दोनों भाइयों को ससम्मान उत्तराखंड आने का न्योता दिया था। सीएम के सकारात्मक रुख की मीका सिंह ने सार्वजनिक तौर पर सराहना भी की थी। इसके बावजूद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में मंत्री के सीधे रुख पर सवाल उठ रहे थे। अब स्वयं मंत्री द्वारा फोन पर खेद प्रकट करने के बाद इस सांस्कृतिक और राजनीतिक विवाद पर औपचारिक विराम लग गया है।









