देहरादून, 11 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। आईटी पार्क स्थित एक कंपनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर के अपहरण (Dehradun Crime) और उन पर हुए जानलेवा हमले के मामले में देहरादून पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें सहस्रधारा रोड से लेकर प्रेमनगर तक के तमाम सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही हैं। शनिवार को सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर पीड़ित इंजीनियर के बयान दर्ज किए।
आधी रात को हुआ था अपहरण
शिवाजी मार्ग, कांवली रोड निवासी विनोद कुमार ने प्रेमनगर थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका पुत्र आकाश कुमार 6 मई की देर रात करीब 2:15 बजे अपनी शिफ्ट खत्म कर घर लौट रहा था। वह सहस्रधारा क्रॉसिंग पर वाहन का इंतजार कर रहा था, तभी स्कूटर सवार दो बदमाशों ने उसे जबरन बैठा लिया। आरोपी उसे प्रेमनगर स्थित जमुना वाला पुल पर ले गए, जहां उन्होंने न सिर्फ आकाश का मोबाइल और पैसे लूटे, बल्कि उसे जान से मारने की भी कोशिश की।
पुल से नीचे फेंका, पत्थरों से कुचलने की कोशिश
पीड़ित के अनुसार, बदमाशों ने उसे पुल से नीचे फेंक दिया और फिर भारी पत्थरों से कुचलने का प्रयास किया। जान बचाने के लिए लहूलुहान आकाश काफी देर तक पुल के पिलर के पीछे छिपा रहा। शनिवार को दून अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने आकाश की हड्डियों का ऑपरेशन किया। एमआरआई और सीटी स्कैन की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आकाश की रीढ़ की हड्डी (L-2) और राइट पेल्विक बोन में गंभीर फ्रैक्चर है।
अस्पताल में भावुक हुए परिजन
जब सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल अस्पताल में बयान दर्ज कर रहे थे, तब वह खौफनाक मंजर याद कर आकाश फूट-फूट कर रो पड़ा। भाई की हालत देखकर उसकी बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल था। एमएस डॉ. आर.एस. बिष्ट ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा है, लेकिन मरीज को कम से कम डेढ़ महीने तक बेड रेस्ट पर रहना होगा। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।









