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Dehradun DM Action : देहरादून में रोड कटिंग के बाद सुबह तक नहीं भरा गड्ढा, तो सीधे दर्ज होगा मुकदमा

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देहरादून, 22 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)। ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के पास सीवर चेंबर निर्माण और ट्रंक लाइन से इंटरकनेक्शन का महज दो-तीन दिन का काम पिछले साल दिसंबर 2025 से लटका पड़ा था।

इस गंभीर लापरवाही और लेतीफी पर सोमवार को कलक्ट्रेट में आयोजित परियोजना समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान का पारा चढ़ गया। उन्होंने पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताते हुए मौके पर ही प्रतिकूल प्रविष्टि थमा दी।

जनपद में जनता की सहूलियत को ताक पर रखकर फाइलों को दबाने वाले अफसरों और ठेकेदारों को डीएम ने कड़ा संदेश दिया है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जनता की सुविधा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू और विभिन्न पीएसयू समेत कुल 14 निर्माणकारी एजेंसियों के प्रस्तावों पर एक-एक कर समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने मानसून की दस्तक को देखते हुए निर्देश जारी किए हैं कि जिन इलाकों में लोक निर्माण विभाग या अन्य विभागों द्वारा सड़कों का सुधारीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है, वहां अब किसी भी तरह की नई रोड कटिंग या खुदाई की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।

सड़क पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन ने केवल अति आवश्यक और उच्च प्राथमिकता वाले भूमिगत कार्यों को ही अनुमति दी है। ये तमाम काम रात 10 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक की शिफ्ट में ही किए जा सकेंगे। निर्माण स्थल पर ठेकेदार को पर्याप्त संख्या में मजदूर, आधुनिक मशीनें और सुरक्षा के पूरे इंतजाम पहले से तैनात रखने होंगे।

अफसरों और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के बीच अक्सर दिखने वाले कम्यूनिकेशन गैप को खत्म करने के लिए एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का फैसला लिया गया है। इस ग्रुप में सभी विभागों के सक्षम अधिकारी शामिल रहेंगे जिससे फाइलों की पेंडेंसी और मौके पर आ रही दिक्कतों का तत्काल निस्तारण किया जा सके।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि रात के वक्त जो भी गड्ढे खोदे जाएंगे, उन्हें सुबह उजाला होने से पहले हर हाल में डस्ट और कंक्रीट से भरकर समतल करना होगा। कार्यस्थल के चारों तरफ चमकीली बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर लाइटें, रात में चमकने वाले चेतावनी संकेतक और स्पष्ट साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों और एजेंसियों के खिलाफ जिलाधिकारी ने सीधे आरसी काटने और भारी वित्तीय जुर्माना लगाने की संस्तुति की है।

अगर किसी विभाग की लापरवाही से लोक निर्माण विभाग की सड़क, बिजली के खंभे या पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होती है, तो नुकसान पहुंचाने वाली एजेंसी को अपने बजट से तुरंत उसकी मरम्मत करानी होगी। मानकों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज कर कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान ग्राउंड पर काम देख रहे लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, पिटकुल के अधीक्षण अभियंता विक्रम गौतम और गेल के महाप्रबंधक अम्बुज गौतम मौजूद रहे। इनके साथ ही जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट, लोनवि के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, एडीबी के अधिशासी अभियंता अरुण कांत, यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता जतिन सिंह समेत एनएफएस डिफेंस ऑफिसर एल.एस. तोमर और विजेंद्र तोमर भी समीक्षा के दौरान उपस्थित रहे।

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