देहरादून के निजी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में टीचर सस्पेंड, 15 छात्राओं की शिकायत पर एफआईआर दर्ज। जानिए पूरी अपडेट।
देहरादून (24 अक्टूबर) : देहरादून के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और बैड टच के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुरुआती स्तर पर सामाजिक संकोच और कथित तौर पर प्रबंधन के दबाव के कारण सामने न आने वाले पीड़ित परिवार ने अब बाल कल्याण समिति (CWC) की काउंसलिंग के बाद पुलिस में लिखित तहरीर दे दी है।
इस मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जबकि स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बाल कल्याण समिति की पहल पर सामने आई पीड़िता
मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित छात्रा और उसकी मां ने स्कूल पहुंचकर प्रबंधन को एक शिकायत सौंपी। शुरुआती दौर में सामाजिक मर्यादा और डर के चलते पीड़ित परिवार खुलकर सामने आने से बच रहा था। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) हरकत में आई।
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने बताया कि सीवेल्फेयर कमेटी की टीम ने बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग की, जिसके बाद बच्ची ने हिम्मत जुटाई और पुलिस को अपनी तहरीर सौंपी।
15 छात्राओं की शिकायत और प्रबंधन पर दवाब के आरोप
इस पूरे प्रकरण में स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित परिवार का दावा है कि इस शिकायत पत्र पर 15 छात्राओं के हस्ताक्षर हैं। आरोप है कि इससे पहले 15 अक्टूबर को भी शिक्षक के खिलाफ शिकायत दी गई थी, जिस पर कार्रवाई का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन बाद में स्कूल निदेशक द्वारा कथित तौर पर छात्राओं और परिजनों पर ही दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इस बात से नाराज छात्र संघ (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और धरने पर बैठकर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
आरोपी टीचर की सफाई और पुलिस की आगे की कार्रवाई
तमाम हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बीच आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा है। अपने बचाव में शिक्षक ने कहा कि अपने 25 साल के शिक्षण करियर में उन पर पहली बार इस तरह के आरोप लगे हैं और वे सभी बच्चों को अपने बच्चों की तरह मानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को उनकी किसी बात से ठेस पहुंची है तो वे इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
फिलहाल, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच की जा रही है तथा दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।









