देहरादून, 29 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक बुधवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। करीब एक साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस बैठक में 65 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन शुरुआत से ही कांग्रेस और भाजपा के पार्षद आमने-सामने आ गए। सदन में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और निगम अधिकारियों के कथित अड़ियल रवैये को लेकर पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की।
पोस्टर हटाने पर भिड़े पार्षद
बैठक की शुरुआत होते ही कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पार्षदों का दावा था कि शहर में कांग्रेस की रैली के लिए लगाए गए पोस्टर और बैनरों को निगम कर्मचारियों ने जबरन हटाया, जबकि सत्तापक्ष के प्रचार प्रसार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मुद्दे को लेकर सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा।
सफाई कर्मचारियों की तैनाती पर बड़ा फैसला
सदन में पार्षदों ने वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या में असमानता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। आरोप लगाया गया कि कुछ रसूखदार वार्डों में कर्मचारियों की फौज तैनात है, जबकि कई वार्ड गंदगी से जूझ रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए मेयर और नगर आयुक्त ने निर्णय लिया कि अगले एक महीने के भीतर शहर के सभी 100 वार्डों में समान संख्या में सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। पार्षद अमिता सिंह ने सफाई कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की मांग भी सदन के पटल पर रखी।
हुक्का बार और बाहरी छात्रों का मुद्दा
शहर की कानून-व्यवस्था और बिगड़ते माहौल पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने अवैध हुक्का बार और शराब घरों का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने शिकायत की कि बाहरी राज्यों से पढ़ने आने वाले कुछ युवक शहर में हुड़दंग करते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी होती है। सभी पार्षदों ने एक स्वर में शहर की छवि सुधारने और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों के प्रति नाराजगी
बैठक में नगर आयुक्त के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पिछले दिनों कांग्रेस पार्षदों द्वारा लगाए गए अभद्र व्यवहार के आरोपों के बीच, भाजपा पार्षदों ने भी शिकायत की कि नगर आयुक्त विकास कार्यों की सटीक सूचना उपलब्ध नहीं कराती हैं। पार्षदों का कहना है कि वार्डों में विकास कार्य रुके होने के कारण उन्हें जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।









