मसूरी-देहरादून मोटर मार्ग पर अवैध निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (Mussoorie Dehradun Development Authority) ने बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने मसूरी क्षेत्र में हनुमान मंदिर से आगे बिना स्वीकृत मानचित्र (Sanctioned Map) के बन रहे दो बड़े ढांचों को सील कर दिया। पहाड़ी मार्ग पर नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे इस निर्माण को लेकर विभाग को शिकायत मिली थी।
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प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि संबंधित स्थल पर भूस्वामी हेमंत कुमार द्वारा बिना अनुमति निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जब तकनीकी टीम ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया, तो वहां लोहे के भारी चैनलों की मदद से दो बड़े प्लेटफार्म तैयार होते पाए गए।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर हुई सीलिंग कार्रवाई
प्राधिकरण ने निर्माण कार्य को चिन्हित करने के बाद भूस्वामी को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का समय दिया था। हालांकि, संबंधित पक्ष की तरफ से दिया गया स्पष्टीकरण नियमों के अनुकूल और संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके तुरंत बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों अवैध प्लेटफार्मों पर सीलिंग कार्रवाई (Sealing Action) पूरी कर दी।
दरअसल, मसूरी और देहरादून के संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर बिना अनुमति और स्ट्रक्चरल सुरक्षा मानकों के निर्माण से भूस्खलन और सुरक्षा का गंभीर खतरा बना रहता है। इसी वजह से प्राधिकरण इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरत रहा है।
अवैध निर्माण पर किसी को नहीं मिलेगी छूट: बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास और तय मानकों का पालन पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भवन निर्माण के नियमों का पालन अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि क्षेत्र में अवैध निर्माण (Illegal Construction) और अनधिकृत प्लाटिंग पर नजर रखने के लिए फील्ड टीमों को सक्रिय रखा गया है।
अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि कोई भी आवासीय या व्यावसायिक निर्माण शुरू करने से पहले सक्षम स्तर से विधिवत नक्शा पास करा लें, ताकि बाद में आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।









