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Dehradun Ragging Case : “सीनियर करते हैं उत्पीड़न, रोने लगा बच्चा…” देहरादून स्पोर्ट्स कॉलेज में रैगिंग का दवा

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देहरादून, 26 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun Ragging Case : महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में नौवीं कक्षा के सीनियर छात्रों पर जूनियर बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उनका मानसिक उत्पीड़न करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। बागेश्वर से ताल्लुक रखने वाले एक पीड़ित छात्र के परिजनों ने खुलकर इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। इस भयावह उत्पीड़न से डरे-सहमे बच्चे बुरी तरह अवसाद की गिरफ्त में आ चुके हैं।

सीनियर्स की इस प्रताड़ना का शिकार हुए ऋषिकेश निवासी एक अन्य छात्र के पिता ने तो हॉस्टल के भीतर लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए अपने बच्चे का दाखिला ही वापस लेने का फैसला कर लिया है।

उन्होंने इसके लिए बाकायदा 22 जून को ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी लेने के लिए कॉलेज प्रशासन को लिखित आवेदन सौंप दिया है। परिजनों की गैर-मौजूदगी के कारण ये मासूम बच्चे कैंपस के भीतर अपनी आवाज उठाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे थे।

कैंपस के भीतर का माहौल इतना खराब हो चुका है कि सीनियर लड़के छोटे बच्चों को उनके खाने के समय भी लगातार परेशान करते हैं और उनसे जबरन अपने निजी काम करवाते हैं।

बागेश्वर वाले छात्र के परिजन जब अचानक देहरादून अपने बच्चे से मिलने पहुंचे, तो वह उनके सामने फूट-फूटकर रोने लगा। हैरान-परेशान कॉलेज प्रबंधन ने उस वक्त इस मामले को दबाने के लिए परिजनों को ही सलाह दे डाली कि वे फिलहाल अपने बच्चे को कुछ दिनों के लिए घर ले जाएं।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं ने इस पूरे मामले में एक बिल्कुल अलग थ्योरी पेश करते हुए रैगिंग की घटना से साफ इनकार कर दिया है। उनका दावा है कि मैदान में खेलते समय लड़कों के बीच केवल मामूली सी आपसी लड़ाई हुई थी।

टीसी के आवेदन पर सफाई देते हुए प्रधानाचार्य ने कहा कि ऋषिकेश वाले छात्र के अभिभावक ने अपने ट्रांसफर की बात कहकर दाखिला वापस मांगा है। दूसरे बच्चे को उसके माता-पिता अपनी मर्जी से केवल 10 दिनों की छुट्टी पर घर लेकर गए हैं।

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