देहरादून, 1 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Teacher Death : ससुराल पक्ष की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली सरकारी स्कूल की शिक्षिका के परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिजनों ने मामले में नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की पुरजोर मांग उठाई है। पूरी सुनवाई को देहरादून के बजाय गढ़वाल जिले के श्रीनगर शहर में ट्रांसफर करने की मांग भी शासन-प्रशासन के सामने रखी गई है।
मृतका के परिजनों ने उसके पति, सास और ननद पर शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ देने वाले गंभीर आरोप मढ़े हैं। परिजनों का साफ कहना है कि महिला की बेरहमी से हत्या की गई और मामले को खुदकुशी का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। मृतका का पति उत्तराखंड सचिवालय में पर्सनल सेक्रेटरी के पद पर तैनात है।
बातचीत के दौरान मृतका के चचेरे भाई रितांशु कंडारी ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए बहन की मौत की परिस्थितियों पर गहरे सवाल खड़े किए। कंडारी ने कहा कि यह उनके पूरे परिवार के लिए असहनीय क्षति है। ससुर के निधन के बाद से ही पति, सास और ननद मिलकर शिक्षिका को निशाना बना रहे थे।
ससुराल वाले ससुर की मौत की वजह शिक्षिका को ही ठहराते आ रहे थे। वे लगातार उसे मनहूस कहकर ताने मारते थे और आरोप लगाते थे कि उसके घर में कदम रखते ही परिवार पर मुसीबतें टूटने लगी हैं।
बहन को बेहद साहसी और आत्मविश्वासी बताते हुए कंडारी ने खुदकुशी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनकी बहन इतनी कमजोर दिल नहीं थी कि ऐसा आत्मघाती कदम उठा सके। घटना वाले दिन सुबह वह अपने मायके वापस लौटने के लिए पूरी तरह तैयार थी।
परिजनों का मानना है कि सुबह घर लौटने की तैयारी के बीच ही उसके साथ मारपीट की गई और बाद में फंदे पर लटकाया गया। जब मायके वाले जवाब मांगने अस्पताल पहुंचे तो आरोपी पक्ष के लोगों ने वहां भी उनके साथ हाथापाई और मारपीट की।
मौत के स्पष्ट साक्ष्य और गंभीर आरोपों के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में गहरा आक्रोश है। पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने शनिवार को परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस की ओर से परिजनों को आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। परिवार ने राज्य सरकार से पूरे मामले में निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के जांच कराने की अपील की है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम खंडवाल से भी परिजनों ने बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। महिला आयोग इस मामले में सक्रिय रूप से संज्ञान ले रहा है। स्थानीय विधायक के सहयोग से परिजन इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और केस को श्रीनगर स्थानांतरित कराने पर अड़े हैं।









