देहरादून, 5 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Weather Alert : पहाड़ों पर मॉनसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के तुरंत बाद देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को जिले के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह सख्त फैसला बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। प्रशासन किसी भी अनहोनी की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।
जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से जारी आदेश स्पष्ट है। कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थान बुधवार को पूरी तरह बंद रहेंगे। जिले भर के आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
मौसम विभाग ने देहरादून जिले के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आसमान में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक यह स्थिति केवल देहरादून तक सीमित नहीं है। बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने ऐसा ही ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन को मुस्तैद रहने को कहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार सुबह हालात की गंभीरता को भांपते हुए सीधे कमान संभाल ली। उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव को तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट मोड में रहने के सख्त निर्देश दिए। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सभी टुकड़ियों को अधिकतम सतर्कता बरतने का आदेश जारी कर दिया गया है। सभी जिला प्रशासनों को 24 घंटे नियंत्रण कक्ष चालू रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों की बैठक में दो टूक शब्दों में अपना संदेश दिया। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएं। आपदा प्रबंधन के काम में किसी भी स्तर पर होने वाली देरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेशवासियों और उत्तराखंड पहुंचे पर्यटकों के लिए भी मुख्यमंत्री कार्यालय से एक विशेष अपील जारी की गई है। लोगों को मौजूदा खतरनाक मौसम में पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन की हिदायत है कि जब तक कोई आपात स्थिति न हो, लोग अनावश्यक यात्रा पर निकलने से बचें। घर से बाहर या सफर पर निकलने से पहले मौसम का सटीक अपडेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने नदी-नालों के आसपास रहने वालों को वहां से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। भूस्खलन की आशंका वाले सभी संवेदनशील इलाकों में आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे हर निर्देश का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है। जान-माल के नुकसान को टालने के लिए पुलिस बल को भी गश्त बढ़ाने के लिए कहा गया है।
पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण एक अहम सड़क पूरी तरह बर्बाद हो गई है। मुख्यमंत्री धामी ने इस सड़क की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर आज ही पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गांव वालों की रोजमर्रा की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को फौरन मौके पर जाकर हालात का जायजा लेने और मशीनों की मदद से बहाली कार्य शुरू करने को कहा गया है।
प्रशासनिक स्तर पर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अगर मौसम की स्थिति में और बिगाड़ आता है तो स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं। देहरादून और इसके आसपास के जिलों में तेज बारिश के दौरान खतरा अचानक बढ़ जाने की प्रवृत्ति है। पूरी सरकारी मशीनरी इस वक्त स्टैंडबाय पर है।









