देहरादून, 02 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में पर्यटन सीजन की शुरुआत और लगातार तीन दिनों के सार्वजनिक अवकाश ने देहरादून और मसूरी की यातायात व्यवस्था को चरमरा दिया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे बनने के बाद पर्यटक दिल्ली से आशारोड़ी तक का 210 किलोमीटर का सफर महज ढाई घंटे में तय कर रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा इसके बाद शुरू हो रही है। आशारोड़ी से मसूरी तक के महज 50 किलोमीटर के फासले को पार करने में वाहनों को तीन घंटे तक का समय लग रहा है।
शुक्रवार को सुबह 10 बजे से ही शहर के प्रवेश द्वार आशारोड़ी पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा। दोपहर होते-होते दिल्ली से आने वाली लेन पूरी तरह पैक हो गई। चारधाम यात्रा के चरम पर होने और वीकेंड की छुट्टियों के कारण अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है।
पुलिस ने शहर के भीतर दबाव कम करने के लिए मसूरी जाने वाले यातायात को जीएमएस रोड से किमाड़ी होते हुए डायवर्ट किया, जिससे आईएसबीटी, शिमला बाईपास और बल्लूपुर फ्लाईओवर जैसे क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने बताया कि डाकरा क्षेत्र की संकरी सड़कों और किमाड़ी मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को असुविधा हुई है।
राजपुर रोड समेत शहर के मुख्य मार्गों पर भी दोपहर बाद जाम का असर देखा गया। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शनिवार और रविवार को भी जाम की स्थिति ऐसी ही बनी रह सकती है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही रूट प्लान में बदलाव किए गए हैं।
मसूरी में होटलों की भारी डिमांड
ट्रैफिक की इस फजीहत के बीच पर्यटन कारोबार में उछाल देखा जा रहा है। मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के अनुसार, शुक्रवार शाम तक अधिकांश होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 फीसदी तक पहुंच गई। यही स्थिति देहरादून के सहस्रधारा और मालदेवता स्थित रिसॉर्ट्स की भी है, जहां शनिवार के लिए लगभग सभी कमरे बुक हो चुके हैं।
रूट डायवर्जन और प्रभावित इलाके
यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस द्वारा किए गए बदलावों का सीधा असर इन इलाकों पर पड़ रहा है:
| प्रभावित क्षेत्र | स्थिति | मुख्य कारण |
| आशारोड़ी एंट्री पॉइंट | भारी जाम | दिल्ली से आने वाले वाहनों का दबाव |
| जीएमएस रोड / किमाड़ी | धीमी आवाजाही | मुख्य मार्ग से डायवर्ट किया गया ट्रैफिक |
| बल्लूपुर चौक | 15-20 मिनट वेटिंग | रेड लाइट पर वाहनों की लंबी कतारें |
| किंक्रेग से किताबघर | 2 किमी जाम | मसूरी शहर के भीतर सीमित पार्किंग और संकरी सड़क |









