देहरादून, 7 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया ब्रीफिंग में इन फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक लाने के लिए एमओयू पर सहमति बन गई है। यह एक्सप्रेसवे सीधा हरिद्वार को जोड़ेगा। कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाले भारी ट्रैफिक दबाव को इस नई सड़क से कम किया जा सकेगा। औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह सीधा रास्ता खोलेगा।
हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण की बाधाएं खत्म हो गई हैं। राज्य सरकार ने 73 हेक्टेयर उपलब्ध वन भूमि में से 40 हेक्टेयर जमीन हाईकोर्ट के लिए हस्तांतरित करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। नैनीताल से हाईकोर्ट शिफ्ट करने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। अब इस भूमि पर अत्याधुनिक न्यायालय परिसर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
राज्य में काम करने वाले लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली 2026 लागू कर दी गई है। नियोक्ताओं को हर महीने की सात तारीख तक अनिवार्य रूप से वेतन का भुगतान करना होगा। कर्मचारियों को ओवर टाइम करने पर अब सीधा दोगुना भुगतान दिया जाएगा। महिला और पुरुष कर्मचारियों के बीच वेतन को लेकर होने वाले भेदभाव को खत्म करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन का नियम सख्ती से लागू किया गया है। वेतन का भुगतान सिर्फ डिजिटल माध्यम से होगा।
औद्योगिक विवादों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली 2026 को भी कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। फैक्ट्रियों में हड़ताल और तालाबंदी की प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया गया है। श्रमिक री-स्किलिंग फंड की स्थापना की जा रही है। किसी भी विवाद की स्थिति में ट्रेड यूनियनों की मान्यता और शिकायत निवारण समितियों का गठन अनिवार्य किया गया है।
राज्य में पशुपालकों के लिए गौ पालन योजना के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। सामान्य वर्ग के लोग भी अब इस योजना के तहत सब्सिडी का लाभ ले सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 60 हजार रुपये कर दी गई है। लाभार्थी अब गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने के लिए भी स्वतंत्र हैं।
अनुसूचित जाति और जनजाति के लाभार्थियों को खरीद पर 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सरकार का लक्ष्य प्रथम वर्ष में 2128 पशुपालकों को सीधा लाभ पहुंचाना है। पहाड़ों पर होने वाले पलायन पर इस योजना से रोक लगेगी और ग्रामीण स्तर पर नया रोजगार पैदा होगा।
गौलापार हल्द्वानी में स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पदों का सृजन कर दिया गया है। तकनीकी और सहायक पदों पर आउटसोर्स के जरिए नियुक्तियां की जाएंगी। युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं मुहैया कराने के लिए इस स्टाफ की तैनाती तुरंत की जाएगी।
वन विकास निगम में भी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। स्केलर के पदों पर होने वाली भर्ती के लिए उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा विनियमावली 2026 को लागू कर दिया गया है। भर्ती में अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा का कड़ा नियम जोड़ दिया गया है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली 2026 लागू हुई है। अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को आवासीय और भोजन की बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र में रहने वाले बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के लिए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष और सदस्य के पदों पर अब इसी समुदाय के लोगों का सीधा नामांकन होगा।
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति में वन विभाग के बड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है। जड़ी-बूटी प्रबंधन और कूड़ा नियंत्रण का काम स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर किया जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत बनी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के लिए भारत सरकार का नया प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया है।
उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली 2004 से कुष्ठ रोग से जुड़े पुराने और भेदभावपूर्ण नियम को पूरी तरह हटा दिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार इसकी जगह मानसिक अक्षमता से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं। उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में संशोधन के लिए नया अध्यादेश भी लाया जा रहा है।









