देहरादून : उत्तराखंड सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, स्वरोजगार और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई बड़े नीतिगत फैसलों को हरी झंडी दी गई है। बैठक की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूड़ी और पद्मश्री विजेता शूटर जसपाल राणा के लिए शोक प्रस्ताव पास कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके तुरंत बाद कैबिनेट ने प्रशासनिक और ढांचागत सुधारों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी।
उपनल कर्मियों की सालों पुरानी मांग पूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं विकास निगम (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों में तैनात कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अब सभी उपनल कर्मचारियों को बिना किसी कट-ऑफ तारीख के प्रतिबंध के ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का लाभ मिलेगा। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस मांग को लेकर आंदोलनरत थे, जिसे सरकार ने चुनावी और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को देखते हुए कानूनी अमलीजामा पहना दिया है।
शत-प्रतिशत साक्षरता और क्षैतिज आरक्षण पर मुहर
राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का पूर्ण साक्षर राज्य बनाने जा रही है, जिसके लिए कैबिनेट ने ‘पूर्ण साक्षरता मिशन’ के प्रस्ताव को पास किया है। इसके अलावा, राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाले 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण को हाल ही में आयोजित हुई सभी शासकीय भर्तियों में तत्काल प्रभाव से लागू करने का रास्ता साफ कर दिया गया है। इससे परिणाम के इंतजार में बैठे सैकड़ों अभ्यर्थियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
वैश्विक स्तर पर चमकेगा उत्तराखंड पर्यटन
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर की ‘हिमालय कार रैली’ की मेजबानी करेगी। इस भव्य आयोजन में दुनिया भर के 25 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही, देहरादून के सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र (CAP) में इत्र और सुगंधित तेलों की गुणवत्ता जांचने के लिए एक अत्याधुनिक परफ्यूम प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों और स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
चारधाम यात्रा के पशुओं को बीमा कवर
गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ पैदल मार्गों पर संचालित होने वाले खच्चरों और घोड़ों की सुरक्षा के लिए सरकार ने पशु बीमा योजना को मंजूरी दी है। बीमा धनराशि का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जिसके लिए पशुपालन विभाग को 1 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, विभाग में नस्ल सुधार के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत कृत्रिम गर्भाधान योजना शुरू की जाएगी।
नियमों में संशोधन और टैक्स राहत
कारोबारियों को राहत देते हुए आबकारी विभाग में अब वैट और सेस के नाम पर लगने वाले दोहरे टैक्स सिस्टम को खत्म कर दिया गया है। निर्माण क्षेत्र में कोलतार (बिटुमिन) की कमी के चलते अटके पड़े सड़क प्रोजेक्ट्स के टेंडर अनुबंध की समय सीमा को बढ़ाने की अनुमति दी गई है। वहीं, जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कारागार नियमावली में संशोधन कर ‘अभ्यस्त अपराधी’ (Habitual Offender) की कानूनी परिभाषा को नए सिरे से तय किया गया है।









