---Advertisement---

Dr Tanvi suicide case : कार के भीतर मौत से पहले क्या कोई और भी था मौजूद?

देहरादून। श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज की पीजी छात्रा डॉ. तन्वी (Dr Tanvi suicide case update) की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को जांच का केंद्र पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों पर टिका रहा।

पुलिस की एक विशेष टीम ने अस्पताल परिसर से लेकर उस अंतिम लोकेशन तक के सभी सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए हैं, जहां डॉ. तन्वी की कार खड़ी मिली थी। सीओ सदर अंकित कंडारी के अनुसार, तफ्तीश का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि क्या डॉ. तन्वी ने जब खुद को कैनुला के जरिए जहरीला इंजेक्शन लगाया, तब उनके साथ कार में कोई और मौजूद था।

नाइट ड्यूटी खत्म करने के बाद डॉ. तन्वी जब अस्पताल से कार लेकर निकलीं, तो उस पूरे रूट पर उनकी गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस उन कैमरों की टाइमिंग और कार के भीतर की हलचल का बारीकी से मिलान कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि वह कार में अकेली थीं या किसी और के प्रभाव में थीं।

जांच का एक दूसरा अहम सिरा उन दवाओं से जुड़ा है जिनका इस्तेमाल खुदकुशी के लिए किया गया। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि डॉ. तन्वी ने वे दवाएं और मेडिकल उपकरण अस्पताल के स्टॉक से लिए थे या कहीं बाहर से खरीदे थे। इस बीच, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए स्थानीय प्रशासन ने उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है।

विवादों के बीच देहरादून ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी ने नेत्र विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता का बचाव किया है। सोसाइटी के सदस्यों का कहना है कि डॉ. प्रियंका एक अनुभवी और समर्पित चिकित्सक हैं, और उन पर उठ रहे सवाल निराधार हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक जांच समिति की रिपोर्ट ही इस रहस्यमयी सुसाइड केस की असली सच्चाई सामने लाएगी।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment