हल्द्वानी, 1 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Haldwani News : जैसलमेर की 20वीं बटालियन में तैनात 53 वर्षीय बीएसएफ जवान सत्यपाल सिंह की सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई। जीआरपी ने सोमवार देर शाम उन्हें काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर अचेत अवस्था में बरामद कर अस्पताल पहुंचाया था। अत्यधिक जहरीले पदार्थ के सेवन और शरीर में उसके देर तक असर रहने को डॉक्टरों ने मौत का सीधा कारण बताया है।
रुड़की के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित ढंडेरा निवासी सत्यपाल रविवार सुबह जैसलमेर से छुट्टी लेकर अपने घर लौट रहे थे। जोधपुर पहुंचने पर उन्होंने अपने बेटे को फोन कर ट्रेन में सवार होने की जानकारी दी। अज्ञात जहरखुरानों ने सफर में उन्हें नशीला पदार्थ दिया और उनका मोबाइल, पर्स, जरूरी दस्तावेज समेत सारा सामान चोरी कर लिया।
जोधपुर से काठगोदाम के बीच 960 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी जवान ने ट्रेन में बेहोशी की हालत में तय की और किसी भी यात्री या रेलवे स्टाफ ने इस पर ध्यान नहीं दिया। काठगोदाम स्टेशन पर उन्हें ट्रेन से किसने उतारा यह जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। समय पर रेलवे स्टाफ को इसकी भनक लग जाती तो जवान की जान आसानी से बचाई जा सकती थी।
मेडिकल चौकी प्रभारी मनमोहन सिंह ने शुरुआती जांच के आधार पर ट्रेन में जहरखुरानी गिरोह के सक्रिय होने की बात कही है। पुलिस ने पोस्टमार्टम की विधिक कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जैसलमेर स्थित बीएसएफ हेडक्वार्टर को भी घटना की आधिकारिक सूचना तुरंत भेज दी गई है।
हल्द्वानी बस अड्डा और काठगोदाम रेलवे स्टेशन क्षेत्र में जहरखुरानी की कई गंभीर वारदातें पहले भी दर्ज हो चुकी हैं। बीते दिनों दिल्ली से कुमाऊं आ रहे 34 वर्षीय बदायूं निवासी नरेश कुमार को एक सहयात्री ने कोल्ड ड्रिंक में नशा देकर पूरी तरह लूट लिया था। पिथौरागढ़ निवासी दीवान सिंह को भी स्टेशन परिसर के पास ठगों ने चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर उनका कीमती बैग गायब कर दिया था।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी है। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बयान दिया है कि पुलिस स्टेशन और बस अड्डे के आस-पास लगातार गश्त कर संदिग्धों की धरपकड़ में जुटी है। जीआरपी अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर मामले की तफ्तीश आगे बढ़ा रही है।









