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‘दिवंगत मां की तस्वीर लटकाना सहानुभूति का ड्रामा’, ईडी जांच पर बोले उत्तराखंड बीजेपी चीफ

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दून हॉराइज़न, देहरादून (26 सितंबर) : प्रवर्तन निदेशालय (ED Investigation) के समक्ष पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा अपनी दिवंगत मां की तस्वीर गले में लटकाने को लेकर उत्तराखंड का सियासी पारा चढ़ गया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने इसे नैतिक पतन करार देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर जांच एजेंसियों से बचने के लिए भावनात्मक ड्रामा रचने का आरोप लगाया।

‘मां का अपमान अक्षम्य, जांच से डर क्यों रहे हरदा’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने देहरादून में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सीधे पूर्व सीएम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मां का दर्जा सदैव सर्वोच्च और पूजनीय होता है, लेकिन राजनीतिक बचाव के लिए दिवंगत मां की तस्वीर का उपयोग करना घोर आपत्तिजनक है।

भट्ट ने सवाल दागा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान कुछ गलत नहीं किया है, तो वे केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ से इतने भयभीत क्यों नजर आ रहे हैं? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, इस तरह की भावुकता दिखाने से न तो केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों की जांच प्रक्रिया प्रभावित होगी और न ही जनता के बीच बनी धारणा में कोई बदलाव आने वाला है।

यूकेएसएसएससी धांधली और पुराने मामलों की दिलाई याद

भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान प्रदेश के संसाधनों की खुली लूट मची थी। भट्ट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC Paper Leak) की परीक्षाओं में उजागर हुई अनियमितताओं और पूर्ववर्ती सरकार से जुड़े करीबियों के ठिकानों से मिली संपत्तियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब जांच का दायरा बढ़ रहा है और जवाबदेही तय हो रही है, तब पूर्व मुख्यमंत्री के पास तथ्यों का कोई ठोस जवाब नहीं बचा है।

भट्ट ने आगे कहा कि आज न तो प्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी है और न ही खुद उनकी अपनी पार्टी कांग्रेस का संगठन उनका खुलकर बचाव कर रहा है। ऐसे एकाकीपन के बीच खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए वे मां की छवि को ढाल बना रहे हैं।

2017 और 2022 के जनादेश का हवाला

प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि राज्य की जनता 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर पहले ही अपना फैसला सुना चुकी है। पार्टी के अनुसार, अब सिर्फ कानूनी अदालतों के अंतिम निर्णय का इंतजार है, जो देर-सबेर सामने आ ही जाएगा। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने भी आधिकारिक बयान जारी कर पार्टी के इस कड़े रुख की पुष्टि की।

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