देहरादून, 26 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib Yatra 2026) की वार्षिक यात्रा का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। साल 2026 की यात्रा के लिए कपाट 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री धामी को मिला न्योता
ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को यात्रा की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने मुख्यमंत्री को 20 मई 2026 को ऋषिकेश से प्रस्थान करने वाले पहले जत्थे के विदाई समारोह के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। परंपरा के अनुसार, इस जत्थे की अगुवाई ‘पंज प्यारे’ करेंगे। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
बर्फ हटाने के काम में जुटी सेना
यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए वर्तमान में भारतीय सेना के जवान सक्रिय हैं। ऊंचे पहाड़ों पर जमी बर्फ को हटाकर रास्ता तैयार किया जा रहा है ताकि 20 मई को ऋषिकेश से निकलने वाला जत्था समय पर धाम पहुंच सके। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग द्वारा पैदल रास्तों के सुधार और रेलिंग की मरम्मत का कार्य भी अंतिम चरण में है।
भविष्य की सुगम यात्रा: रोपवे प्रोजेक्ट
यात्रा को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट को ₹2,730.13 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी है। यद्यपि वर्तमान यात्रा अभी पैदल या खच्चर के जरिए ही होगी, लेकिन इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यात्रा का समय और कठिनाई काफी कम हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड आने वाले हर श्रद्धालु का स्वागत पूरी श्रद्धा के साथ किया जाएगा और मार्ग में स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।









