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देहरादून में डेंगू को लेकर हाई अलर्ट: लापरवाही पर कटेगा भारी चालान, स्कूलों के लिए बदले नियम

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देहरादून, 17 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में डेंगू और जल जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में स्वास्थ्य और नगर निगम सहित तमाम संबंधित विभागों के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। डीएम ने साफ चेतावनी दी है कि डेंगू नियंत्रण के कामों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्वरित रिस्पांस सिस्टम को मजबूत करने के लिए जिले के कंट्रोल रूम को २४ घंटे सक्रिय रखने के आदेश दिए गए हैं।

आशा कार्यकत्रियों को मिलेगा ₹1500 का अतिरिक्त इंसेंटिव

मैदान पर डटने वाली आशा कार्यकत्रियों का मनोबल बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। देहरादून और ऋषिकेश के नगर निकाय क्षेत्रों में वार्डवार जिम्मेदारी संभालकर डोर-टू-डोर सर्वे करने वाली आशा कार्यकत्रियों को इस बार भी विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एनएचएम से मिलने वाले एक हजार रुपये और नगर निगम के १५०० रुपये के अलावा, जिला प्रशासन अपनी ओर से १५०० रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव देगा।

अस्पतालों में मुस्तैदी और जांच की दरें तय करने के आदेश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट, डेंगू एलिसा टेस्ट किट, जरूरी दवाइयां, ब्लड बैंक और बेड की पूरी व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बजट दिया जाएगा, लेकिन दवाओं या किट की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही निजी और सरकारी लैब में डेंगू जांच की दरें निर्धारित करने और मशीनों को पूरी तरह चालू रखने को कहा गया है।

स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन और नालों की सफाई का जिम्मा

बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा विभाग को विशेष एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत अब देहरादून के स्कूलों में छात्रों के लिए फुल बाजू की ड्रेस पहनना अनिवार्य किया जाएगा।

नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि वे रिस्पना और बिंदाल नदी के तटों के साथ ही शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई तुरंत पूरी करें। इसके अलावा, कूड़ा उठाने वाले वाहनों के जरिए शहरभर में डेंगू से बचाव के संदेश प्रसारित किए जाएंगे।

हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर फोकस और भारी चालान की चेतावनी

प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दफ्तर, निजी कैंपस या सार्वजनिक स्थान पर पानी ठहरा हुआ मिला और मच्छरों का लार्वा पनपता पाया गया, तो संबंधित मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भारी चालान काटा जाएगा। प्रत्येक वार्ड में एंटी-लार्वा रसायनों के छिड़काव और फॉगिंग के लिए एक समर्पित लार्विसाइड टैंकर तैनात करने की योजना है।

देहरादून में बीते वर्षों के आंकड़े और वर्तमान स्थिति

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बैठक में जिले की स्थिति का ब्यौरा साझा किया:

वर्षडेंगू के कुल मामलेमौतें
2023120113
2024370
20257850
2026 (अब तक)05 (3 बाहरी राज्यों के)0

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, देहरादून के बंजारावाला, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर, क्लेमेंटाउन, राजस्थानी बस्ती और कार्गी क्षेत्र को मच्छर जनित बीमारियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील (हॉटस्पॉट) माना गया है। इन इलाकों में निगरानी के लिए विशेष वॉलिंटियर्स तैनात किए जा रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 निधि रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल सहित नगर निगम और नगर पालिकाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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