हरिद्वार, 29 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Kanwar Yatra 2026 : कांवड़ यात्रा के सुचारु संचालन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने विस्तृत यातायात डायवर्जन प्लान आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। यह नई यातायात व्यवस्था 29 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
सावन महीने में कांवड़ियों की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत अन्य राज्यों से आने वाले कांवड़ वाहनों, रोडवेज-प्राइवेट बसों, चारधाम यात्रा वाहनों, पैदल कांवड़ियों तथा भारी कमर्शियल वाहनों के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यात्रा की व्यवस्थाओं के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। विभिन्न श्रेणियों के वाहनों को शहर के बाहर ही रोकने और मुख्य सड़कों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से विशाल पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
सहारनपुर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को मंडावर, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर और एसएम तिराहा के रास्ते बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा। इस रूट पर वाहनों की लगातार निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि शहर के भीतर जाम की स्थिति न बने।
सड़क पर गाड़ियों का दबाव अचानक बढ़ता है तो दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर की ओर से आ रहे कांवड़ वाहनों को रामपुर तिराहा से मोड़ दिया जाएगा। ये वाहन कोलकी टोल प्लाजा, बड़कलां, मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर और एसएम तिराहा होकर ही बैरागी कैंप पार्किंग पहुंचेंगे।
यमुनानगर और सहारनपुर के रास्ते आने वाले वाहनों के लिए भी यही लक्सर-एसएम तिराहा वाला मार्ग निर्धारित किया गया है। इन सभी वाहनों की निकासी श्मशान घाट पुल, श्रीयंत्र पुल, बुढ्ढी माता तिराहा, देश रक्षक और सिंहद्वार होते हुए एनएच-334 से कराई जाएगी।
मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की तरफ से आने वाले कांवड़ वाहनों को चिड़ियापुर और गैंडीखाता के रास्ते 4.2 डायवर्जन से मोड़कर सीधे गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में भेजा जा रहा है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले वाहनों को शहर के बीच में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहनों के लिए नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर का रास्ता तय किया गया है। ये वाहन चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग में पार्क कराए जाएंगे।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और गति नियंत्रण के कारणों से कांवड़ वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस एक्सप्रेस-वे पर केवल सामान्य यात्री वाहन ही चल सकेंगे।
पैदल कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए सड़कों का एक पूरा हिस्सा रिजर्व किया गया है। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा जाने वाले पैदल कांवड़िए हरकी पैड़ी से निकलकर रोडीबेलवाला रैंप, केशव आश्रम तिराहा, ओम पुल, रेगुलेटर पुल, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, आर्यनगर चौक, लाल पुल, पुल जटवाड़ा और बहादराबाद नहर पटरी के रास्ते आगे बढ़ेंगे।
मुरादाबाद और नजीबाबाद की तरफ लौटने वाले श्रद्धालु हरकी पैड़ी से सीसीआर चौक, दीनदयाल पार्किंग अंडरपास, आनंद वन समाधि पार्किंग, चंडी चौक, 4.2 तिरछा पुल और नहर पटरी का रास्ता इस्तेमाल करेंगे।
देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा, खड़खड़ी, सूखी नदी बैरियर और दूधाधारी तिराहे से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर भेजा जाएगा।
यात्री बसों के संचालन में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। देहरादून और ऋषिकेश से आने-जाने वाली रोडवेज बसें नेपाली तिराहा, रायवाला और दूधाधारी तिराहा होते हुए सीधे मोतीचूर पार्किंग में खड़ी होंगी।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आ रही सरकारी रोडवेज बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, मंडावर और अब्दुल कलाम चौक के रास्ते ऋषिकुल मैदान पार्किंग भेजा जाएगा। नजीबाबाद रूट की बसों को लाडपुर और 4.2 तिरछा पुल के रास्ते नीलधारा व गौरीशंकर पार्किंग में जगह दी गई है।
देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से बिजनौर, मुरादाबाद व नैनीताल जाने वाली रोडवेज बसें अपने तय ढर्रे पर चलेंगी। प्राइवेट बसों के लिए भी लगभग यही ढांचा लागू किया गया है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाली प्राइवेट बसें बैरागी कैंप में पार्क होंगी, जबकि नजीबाबाद की बसें नीलधारा में रुकेंगी।
मालगोदाम और भारी ट्रकों के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। 29 जुलाई से 11 अगस्त तक मुरादाबाद और नजीबाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहन चिड़ियापुर और कांगड़ी पार्किंग में खड़े रहेंगे। दिल्ली और मेरठ से आने वाले ट्रकों को मंडावर में ही रोक दिया जाएगा।
29 जुलाई से 4 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही केवल रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच हो सकेगी। 5 अगस्त से लेकर 11 अगस्त तक भारी वाहनों के संचालन पर चौबीसों घंटे पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग कॉरिडोर बनाया गया है। दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से केदारनाथ व बदरीनाथ जाने वाली गाड़ियां मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार, पौड़ी और श्रीनगर मार्ग से भेजी जाएंगी। ये वाहन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का प्रयोग कर सकेंगे। गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों पर भी यही नियम लागू रहेगा।
मुजफ्फरनगर जिले में भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने कांवड़ यात्रा की तैयारी पूरी होने की पुष्टि की है। मुजफ्फरनगर सीमा में 29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक एनएच-58 पर भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी।
29 जुलाई से 4 अगस्त के बीच एनएच-58 हाईवे की बाईं लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी और दाहिनी लेन से केवल हल्के वाहन निकलेंगे। 4 अगस्त के बाद हाईवे की दोनों लेन पूरी तरह से सिर्फ कांवड़ियों के लिए खोल दी जाएंगी और सामान्य गाड़ियों का प्रवेश बंद हो जाएगा।









