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Karnaprayag Dispute : कर्णप्रयाग झड़प के बाद सोशल मीडिया पर नफरती पोस्ट, दून में भड़का गुस्सा

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देहरादून : कर्णप्रयाग में पिछले दिनों हेमकुंड साहिब के यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के बीच हुई हिंसक झड़प का मामला अब देहरादून के सियासी गलियारों तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर इस घटना की आड़ में सिख समाज के खिलाफ लगातार डाली जा रही नफरती और आपत्तिजनक पोस्ट्स को लेकर समुदाय में भारी आक्रोश है। थमेगा नफरत का खेल।

सिख समाज के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में साफ कहा कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर उत्तराखंड के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की साजिश रची जा रही है। तुरंत रोक लगाने की मांग की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिख समाज को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए कहा कि सिख समुदाय देवभूमि का एक अटूट और अभिन्न अंग है। राज्य में किसी भी नागरिक या समुदाय के साथ कोई भेदभावपूर्ण नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हड़कंप मचा है।

सोशल मीडिया के जरिए उत्तराखंड के शांत माहौल और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले तत्वों को मुख्यमंत्री ने सीधी चेतावनी दी है। ऐसी सभी विवादित और भड़काऊ पोस्ट्स को चिन्हित कर संलिप्त अपराधियों के खिलाफ पुलिस तुरंत सख्त विधिक कार्रवाई करेगी। जेल जाएंगे उपद्रवी।

मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के त्वरित रुख पर आभार जताया। इस वर्ष चल रही चारों धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रखने के सरकारी प्रयासों की सराहना की गई।

बैठक में मुख्य रूप से रविंदर आनंद, गुरप्रीत जोली, गुरजिंदर आनंद, अमरजीत सिंह, हरजीत सिंह, हरमीत सेठी, परमजीत सिंह समेत देहरादून की विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रमुख सेवादार और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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