देहरादून, 1 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Kedarnath Heli Service : रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चल रहे सभी हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस पर अगले आदेश तक पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। प्रशासन ने मौसम विभाग के चार जुलाई तक जारी भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए डीजीसीए की गाइडलाइंस के तहत यह सख्त कदम उठाया है। अब कोई भी चॉपर केदार घाटी में उड़ान नहीं भरेगा।
थम्बी एविएशन, हिमालयन हेली, राजस एयरो और यूनाइटेड हेलीचार्टर्स जैसी प्रमुख कंपनियों के हेलीकॉप्टर अपने-अपने बेस कैंप लौट चुके हैं। पिलग्रिमेज एविएशन, चिप्सन एविएशन, ट्रांस भारत एविएशन सहित अन्य सभी प्राइवेट ऑपरेटर्स को भी उड़ानें रद्द करने के निर्देश मिल चुके हैं। खराब मौसम में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है।
हेलीकॉप्टर सुविधा बंद होने के कारण तीर्थयात्रियों को अब टट्टू, खच्चर और पालकी पर निर्भर होना पड़ रहा है। मानसून के इस पूरे सीजन में मौसम साफ होने और संबंधित विभागों से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही कोई एविएशन कंपनी दोबारा सेवाएं शुरू कर सकेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 जुलाई 2026 के लिए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी तेज बारिश का सीधा अनुमान लगाया गया है।
तीन जुलाई को नैनीताल और बागेश्वर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है और देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग में भारी जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार हो रही इस बारिश से संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, बड़ी चट्टानें खिसकने और नदियों-नालों के अचानक उफान पर आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
चारधाम यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं, आम पर्यटकों और पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अपना आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी क्षमता के साथ सक्रिय रखने के निर्देश जारी किए हैं।
राहत और बचाव दलों को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधित विभागों के किसी भी अधिकारी को बिना पूर्व अनुमति के अपना मुख्यालय छोड़ने की सख्त मनाही है।









