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Keshav Thalwal Case : फिर विवादों में घिरे केशव थलवाल, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज

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देहरादून, 19 मई (दून हॉराइज़न)। देहरादून के कोतवाली नगर इलाके में एक विशेष रूप से सक्षम (specially abled) महिला अधिवक्ता को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने केशव थलवाल नाम के व्यक्ति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई शिकायत में महिला अधिवक्ता ने बताया कि केशव थलवाल से उनकी पहली मुलाकात ‘जागो उत्तराखंड’ नाम के एक फेसबुक पेज के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को पुलिस प्रताड़ित और आर्थिक रूप से कमजोर बताकर सोशल मीडिया पर सहानुभूति हासिल की थी। इसके बाद उसने अपनी भावनात्मक बातों में फंसाकर पीड़िता का विश्वास जीता और गूगल पे समेत अन्य माध्यमों से मोटी रकम ऐंठ ली।

रुपए वापस मांगने पर दी वीडियो वायरल करने की धमकी

पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने केशव थलवाल से अपनी धनराशि वापस मांगी, तो उसने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी ने बेहद अपमानजनक रवैया अपनाते हुए पीड़िता की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। वह अपने परिचितों के बीच महिला अधिवक्ता को अपनी गर्लफ्रेंड बताकर झूठा प्रचार भी कर रहा था।

पीड़िता को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए आरोपी ने खुदकुशी करने और सुसाइड नोट में उसका नाम लिखकर झूठे मुकदमे में फंसाने का डर दिखाया। आरोपी लगातार अपने दोस्तों के माध्यम से पीड़िता पर शादी करने का अनुचित दबाव बना रहा था।

खुदकुशी की झूठी कहानी रचकर बनाया शादी का दबाव

मामले में नया मोड़ तब आया जब 3 मई 2026 को पीड़िता के मोबाइल पर त्रिलोक नकोटी नाम के व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को केशव थलवाल का दोस्त बताया और दावा किया कि केशव ने आत्महत्या का प्रयास किया है और वह कैलाश अस्पताल में भर्ती है।

त्रिलोक नकोटी ने इस घटना के लिए महिला अधिवक्ता को जिम्मेदार ठहराया और धमकी दी कि अगर उन्होंने केशव से शादी नहीं की, तो वह दोबारा ऐसा कदम उठाएगा। पुलिस जांच में यह पूरी कहानी पीड़िता को सामाजिक रूप से बदनाम करने और दबाव में लाने की साजिश का हिस्सा पाई गई है।

कोतवाली नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी केशव थलवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 351(3) और 78 के तहत केस (मु0अ0सं0-183/2026) पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।

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