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उत्तराखंड चुनाव पर दिल्ली में खड़गे-राहुल का मंथन, गुटबाजी रोकने का सख्त संदेश

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने वरिष्ठ नेताओं संग मंथन किया। सामूहिक नेतृत्व और समन्वय पर कड़ा जोर रहा।

नई दिल्ली (02 नवंबर) : आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने सियासी बिसात बिछाने की शुरुआत कर दी है। नई दिल्ली स्थित 10 राजाजी मार्ग पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने उत्तराखंड के दिग्गज नेताओं को तलब कर दो टूक संदेश दिया कि चुनाव किसी एक चेहरे पर नहीं बल्कि ‘सामूहिक नेतृत्व’ और सख्त समन्वय के आधार पर लड़ा जाएगा। बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की मौजूदगी में पहाड़ी राज्य के वर्तमान सियासी हालात और गुटबाजी को दूर करने की रूपरेखा तैयार की गई।

दिल्ली में तय हुआ सामूहिक नेतृत्व का नया फॉर्मूला

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खड़गे के आवास पर आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत मौजूद रहे। बैठक के बाद उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने जानकारी दी कि शीर्ष नेतृत्व ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सीधी भागीदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। आलाकमान का मुख्य जोर सभी धड़ों को साथ लेकर साझा रणनीति के तहत मैदान में उतरने पर रहा, ताकि टिकट बंटवारे से लेकर प्रचार तक किसी तरह की खींचतान न दिखे।

पिछले चुनाव की गलतियों और गुटबाजी पर मंथन

उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से नेताओं के बीच आपसी खींचतान और खेमेबाजी कांग्रेस के लिए सिरदर्द रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी अंदरूनी असंतोष के चलते पार्टी सत्ता में वापसी से चूक गई थी। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को परे रखकर सिर्फ जनहित के मुद्दों पर फोकस किया जाए। बैठक में सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव की मौजूदगी में तय हुआ कि अंकिता भंडारी प्रकरण, पेपर लीक मामले, बेरोजगारी और राज्य के जल-जंगल-जमीन से जुड़े सवालों को जनता के बीच आक्रामक तरीके से उठाया जाएगा।

बूथ स्तर तक घेराबंदी और अगली रणनीति का खाका

आलाकमान के निर्देशों के बाद अब उत्तराखंड कांग्रेस की कोर टीम देहरादून लौटकर जिला और ब्लॉक स्तर पर संयुक्त बैठकें करेगी। दसौनी के मुताबिक, पार्टी का मुख्य लक्ष्य जनसरोकारों को जोड़ते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। शीर्ष नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि चुनाव संचालन और प्रबंधन की अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे वरिष्ठ नेताओं की परफॉर्मेंस पर सीधे दिल्ली से नजर रखी जाएगी। आगामी दिनों में प्रभारी कुमारी शैलजा देहरादून में प्रदेश स्तरीय मंथन कर आलाकमान के दिशा-निर्देशों को जमीन पर लागू करने की औपचारिक शुरुआत करेंगी।

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