देहरादून, 18 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
MDDA Dehradun Action : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की प्रवर्तन टीम ने शुक्रवार को राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने दो अलग-अलग स्थानों पर निर्माण कार्यों को सील किया। एक मामला स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बहुमंजिला निर्माण का है। दूसरा मामला बिना मानचित्र स्वीकृति के चल रहे व्यवसायिक निर्माण से जुड़ा है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार अनुमति के बिना किसी भी तरह का निर्माण कार्य स्वीकार नहीं होगा।
जीएमएस रोड स्थित व्योमप्रस्थ कॉलोनी में एमडीडीए की टीम निरीक्षण करने पहुंची। यहां संगीता गोयल और प्रवीन कुमार गर्ग द्वारा एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। जांच टीम ने मौके पर पाया कि यह पूरा निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन की मौके पर पुष्टि हो गई।
प्राधिकरण ने बिना देरी किए इस बहुमंजिला निर्माण को सील कर दिया। एमडीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत मानचित्र से हटकर किए गए निर्माण विकास नियमों का सीधा उल्लंघन हैं। ऐसे निर्माण भविष्य में क्षेत्रीय नियोजन को बिगाड़ते हैं। इनसे नागरिक सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
एमडीडीए की प्रवर्तन टीम धारकोट रोड पहुंची। यह क्षेत्र कण्डोगल थानों के अंतर्गत आता है। यहां उमेद अली द्वारा एक व्यवसायिक निर्माण किया जा रहा था। टीम ने निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
जांच में सामने आया कि इस व्यवसायिक निर्माण के लिए कोई मानचित्र स्वीकृति नहीं ली गई थी। बिना नक्शा पास कराए साइट पर काम संचालित हो रहा था। प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इस निर्माण स्थल को तुरंत सील कर दिया। संबंधित पक्ष को भविष्य में नियमों के अनुरूप ही कार्य करने के निर्देश दिए गए।
शहरी विस्तार के बीच अनधिकृत निर्माण और अवैध भूमि विकास की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। एमडीडीए इन पर विशेष निगरानी रख रहा है। प्रवर्तन टीम नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करती है। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। बिना स्वीकृति वाले निर्माण शहर के सुनियोजित विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
एमडीडीए ने आम नागरिकों से सीधे अपील की है। किसी भी भूखंड की खरीद-फरोख्त या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य कर लें। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों या निर्माण परियोजनाओं में निवेश करना बहुत जोखिम भरा है। ऐसे निवेश से भविष्य में आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्राधिकरण का रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अनधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा। नियोजित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उपाध्यक्ष ने कहा कि हाल की कार्रवाई उन लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है जो नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रवर्तन टीम लगातार क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही है। जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण या भूमि विकास कार्य संचालित पाया जाता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। भवन निर्माण और भूमि विकास कार्य केवल निर्धारित मानकों और स्वीकृत नियमों के अनुरूप ही किए जाने चाहिए। प्राधिकरण का प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।









