देहरादून, 31 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण की टीमों ने देहरादून और ऋषिकेश के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे विकास कार्यों पर बुलडोजर चलाया है और अवैध इमारतों को सील किया है।
देहरादून के नवादा रोड स्थित सोनिया विहार इलाके में प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां लगभग चार बीघा भूमि पर भू-विन्यास और डिमार्केशन का कार्य कराया जा रहा था जिसका तलपट मानचित्र एमडीडीए से स्वीकृत नहीं कराया गया था।
इस अवैध प्लॉटिंग के मामले में बृजेश कुमार, नीलकंठ जोशी, दमयन्ती कण्डवाल, गिरिजा सेमवाल, सुनीता भट्ट और सुरेन्द्र सिंह पंवार के खिलाफ संज्ञान लिया गया था। जांच के दौरान अनधिकृत प्लॉटिंग की पुष्टि होने के बाद उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के संशोधित प्रावधानों के तहत वाद दर्ज किया गया था।
निर्धारित कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी अवैध प्लॉटिंग को नेस्तनाबूद कर दिया। इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर बिना अनुमति प्लॉट बेचने वाले भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
दूसरी तरफ ऋषिकेश के नेगी मोहल्ला गुमानीवाला क्षेत्र में भी प्राधिकरण का बुलडोजर और सीलिंग दस्ता पूरी सख्ती के साथ सक्रिय रहा। इस क्षेत्र में भवन स्वामी भावेश जोशी द्वारा बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के भूतल से लेकर चतुर्थ तल तक का बहुमंजिला भवन तैयार कराया जा रहा था।
अनधिकृत निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्राधिकरण की ओर से भवन स्वामी को नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा गया था। तय समय सीमा के भीतर कोई भी संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर उत्तराखण्ड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत कड़ा कदम उठाया गया।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इस पूरी चार मंजिला बहुमंजिला इमारत को सील कर दिया ताकि आगे इसमें किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या आवाजाही न हो सके। शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए एमडीडीए इस तरह के मामलों में लगातार औचक निरीक्षण कर रहा है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं बल्कि देहरादून व आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि बिना स्वीकृति की प्लॉटिंग और अवैध निर्माण न केवल कानून का सरासर उल्लंघन है बल्कि भविष्य में वहां बसने वाले आम नागरिकों के लिए बड़ी मुसीबतें खड़ी करता है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को नियमों की धज्जियां उड़ाकर अवैध विकास करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण की खुफिया और मैदानी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां भी अनियमितता मिलेगी वहां इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई दोहराई जाएगी।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी इस अभियान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से सीधे तौर पर अपील की है कि वे अपनी जीवनभर की कमाई किसी भी भूखंड या संपत्ति में लगाने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधानिक स्वीकृति की पुष्टि जरूर कर लें।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दोहराया कि समय रहते यदि लोग नक्शों की जांच कर लें तो उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की बड़ी कानूनी कार्रवाई या वित्तीय नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध कॉलोनियों से दूर रहें और केवल वैध रूप से स्वीकृत कॉलोनियों में ही प्लाट या मकान खरीदें।









