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हेली एम्बुलेंस और ड्रोन से पहुंच रही दवाइयां; उपराष्ट्रपति ने की धामी सरकार की तारीफ

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ऋषिकेश, 23 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। हिमालय के द्वार और आध्यात्मिक केंद्र ऋषिकेश की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण चिकित्सा की गंभीरता को और गहरा करता है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग केवल करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए करें।

उपराष्ट्रपति ने कोविड-19 काल का जिक्र करते हुए भारत की ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय वैज्ञानिकों ने टीकों का विकास व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक कल्याण के लिए किया है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का प्रतीक है। पिछले एक दशक में देश भर में खुले नए एम्स संस्थानों को उन्होंने सुशासन का उदाहरण बताया, जिससे आम नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण इलाज की पहुंच आसान हुई है।

उत्तराखंड की स्वास्थ्य नीतियों की सराहना

समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए हेली-एम्बुलेंस और ड्रोन तकनीक का जो सफल मॉडल पेश किया है, वह देश के लिए एक समाधान है। साथ ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे बुनियादी ढांचे के विकास को स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

पहाड़ों में सेवा का अवसर: राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने युवा चिकित्सकों को प्रेरित करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यही वह क्षेत्र है जहां डॉक्टर अपनी संवेदनशीलता से बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल हेल्थ के दौर में नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च रखने पर जोर दिया।

कुमाऊं को जल्द मिलेगा सैटेलाइट सेंटर: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जानकारी दी कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे जल्द ही कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को ऋषिकेश तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में काम कर रही है।

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