देहरादून, 7 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Namo Bharat : दिल्ली-मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश रूट पर प्रस्तावित हाईस्पीड नमो भारत रेल सेवा के सर्वे का काम शुरू हो गया है। उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को इस सर्वे के लिए 2.28 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। सर्वे के लिए कुल 7.5 करोड़ रुपये का खर्च आना है और यह जारी की गई रकम इसकी पहली किस्त है।
एनसीआरटीसी ने उत्तराखंड में नमो भारत के ट्रैक का फील्ड सर्वे करने के लिए राज्य सरकार से सीधा सहयोग मांगा है। एनसीआरटीसी के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश बंसल ने इस संबंध में राज्य में नमो भारत रेल के लिए नोडल अफसर नियुक्त की गईं रोडवेज की एमडी रीना जोशी को एक विस्तृत पत्र भेजा है। जमीनी स्तर पर काम तेज करने के लिए विभागों के बीच डेटा साझा करने पर जोर दिया गया है।
बंसल ने अपने पत्र में उत्तराखंड की सीमा में आने वाले 78 किलोमीटर रूट से जुड़ी कई जानकारियां मांगी हैं। नगर निकायों और लोक निर्माण विभाग से मास्टर प्लान और यूटिलिटी डेटा साझा करने की अपेक्षा की गई है। सर्वे और मिट्टी के परीक्षण के दौरान किसी भी तरह के विरोध से बचने के लिए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग भी रखी गई है।
भविष्य में जमीन अधिग्रहण के विवादों को टालने के लिए एनसीआरटीसी ने प्रशासन से भूमि रिकॉर्ड पहले ही उपलब्ध कराने को कहा है। मेरठ से उत्तराखंड तक नमो भारत का यह पूरा प्रस्तावित रूट 150 किलोमीटर लंबा होगा। इस पूरी लंबाई में से 72 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश की सीमा में आएगा।
नमो भारत ट्रेन के प्राथमिक रूट प्लान के मुताबिक यह ट्रेन मेरठ से अपनी यात्रा शुरू करेगी। रास्ते में यह सकौती, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की और भगवानपुर होते हुए हरिद्वार पहुंचेगी। हरिद्वार के बाद यह सीधे ऋषिकेश तक जाएगी, जिससे कई शहरों की कनेक्टिविटी एक ही लाइन पर आ जाएगी।
ऋषिकेश में नमो भारत का अंतिम स्टेशन लक्ष्मण झूला के बिल्कुल पास बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। हरिद्वार में इस हाईस्पीड ट्रेन का ट्रैक हर की पैड़ी के बेहद करीब से गुजरेगा। इन दोनों स्थानों पर स्टेशन बनने से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सीधी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस रेल सेवा को राज्य के लिए एक गेमचेंजर प्रोजेक्ट करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच एक आधुनिक हाई-स्पीड रेल संपर्क स्थापित करेगा। सफर का समय घटने से लोगों को भारी ट्रैफिक जाम से जूझना नहीं पड़ेगा।
धामी ने स्पष्ट किया कि नमो भारत ट्रेन के शुरू होने से चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भारी उछाल आएगा। भगवानपुर और रुड़की जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। दैनिक आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों को एक सुरक्षित और तेज विकल्प मिल जाएगा।
वर्तमान में संचालित हो रही नमो भारत ट्रेन सेवा पर कांवड़ यात्रा का व्यापक प्रभाव पड़ा है। गाजियाबाद और मोदीनगर के बीच पड़ने वाले 17 नमो भारत स्टेशनों के कई प्रवेश और निकास द्वार पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। यह प्रतिबंध 4 अगस्त से शुरू हुआ था और 12 अगस्त तक लागू रहेगा।
इन सभी प्रभावित स्टेशनों पर यात्रियों के लिए पार्किंग की सुविधा भी बेहद सीमित कर दी गई है। एनसीआरटीसी ने बताया कि वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासनिक निर्देशों के सख्त पालन के तहत ये अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
प्रतिबंधों की जद में आने वाले स्टेशनों में मोदीनगर, मेरठ नॉर्थ, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी और शताब्दी नगर शामिल हैं। रिठानी, परतापुर, मेरठ साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मोदीनगर साउथ, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और गाजियाबाद स्टेशनों पर भी यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है।
देहरादून रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण अब देश के बड़े हवाई अड्डों और हाई-टेक मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दो अत्याधुनिक ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीनें स्थापित की हैं।
यात्री अब बिना किसी वेंडर की मदद के इन मशीनों से सीधे अपना सामान खरीद सकते हैं। मशीन में लगी टच स्क्रीन पर पानी की बोतल, चिप्स, नमकीन और कोल्डड्रिंक जैसे कई उत्पाद दिखाई देते हैं। यात्री को स्क्रीन पर टैप करके अपनी पसंद का सामान चुनना होता है।
स्क्रीन पर सामान चुनते ही एक क्यूआर कोड जेनरेट होता है। मोबाइल फोन से इस क्यूआर कोड को स्कैन करके पेमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाती है। भुगतान के सफल होते ही सिर्फ चंद सेकेंड में मशीन के निचले हिस्से से चुना हुआ सामान बाहर आ जाता है।
प्लेटफॉर्म पर खाने-पीने के सामान के लिए वेंडरों द्वारा तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। यात्रियों को खुले पैसे न होने के कारण कई बार अपना सामान वापस करना पड़ता था। वेंडिंग मशीन से एमआरपी पर सीधा सामान मिलने से ओवरचार्जिंग की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेलवे महेश यादव ने इन मशीनों के संचालन की पुष्टि की है। पहले चरण के तहत देहरादून स्टेशन पर फिलहाल दो मशीनें लगाई गई हैं। प्रयोग के तौर पर चालू की गई इन मशीनों की सफलता के बाद इनकी संख्या में इजाफा किया जाएगा।









