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सिर्फ गाड़ी का धुआं नहीं, आपका कचरा भी बिगाड़ रहा शहर की हवा; निगम ने बताई जमीनी हकीकत

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दून हॉराइज़न, देहरादून (05 सितंबर): घाटी में गहराते वायु प्रदूषण और शहर की आवोहवा पर मंडराते खतरे को देखते हुए नगर निगम देहरादून ने जमीनी मोर्चा संभाल लिया है।

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राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme) के अंतर्गत स्वच्छ वायु दिवस के उपलक्ष्य में शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए। नगर आयुक्त के सीधे मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद भाषणबाजी से इतर सीधे आम लोगों और छात्रों को कचरा प्रबंधन से जोड़ना था।

कलाकारों ने बेहद संजीदा अंदाज में दिखाया कि कैसे सड़क किनारे या कॉलोनियों में जलाया जाने वाला कूड़ा दून की घाटियों में जहरीला स्मॉग बना रहा है। नाटक के जरिए यह साफ किया गया कि खुले में प्लास्टिक और पत्तियां फूंकने की छोटी सी लापरवाही पूरे मोहल्ले के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा वाहनों की नियमित सर्विसिंग न कराने और निर्माण स्थलों पर उड़ती धूल को नियंत्रित न करने के गंभीर परिणाम भी मंचन के जरिए रेखांकित किए गए।

घर से ही अलग करना होगा गीला और सूखा कचरा

कार्यक्रम का सबसे अहम तकनीकी पहलू स्रोत पृथक्करण (Source Segregation) रहा। निगम की टीम ने नागरिकों को समझाया कि अगर घरों और दुकानों से ही कचरा अलग-अलग डिब्बों में नहीं दिया गया, तो वैज्ञानिक निस्तारण नामुमकिन हो जाता है।

जब तक सूखा कचरा रिसाइक्लिंग प्लांट तक और गीला कचरा कंपोस्टिंग यूनिट तक सही रूप में नहीं पहुंचेगा, तब तक लैंडफिल साइट्स पर कचरे के ढेर और उनमें लगने वाली आग को रोकना संभव नहीं होगा। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों में अलग-अलग कचरा देना हर नागरिक का बुनियादी दायित्व बताया गया।

सख्ती से पहले जागरूकता का संदेश

नगर निगम ‘स्वच्छ वायु, स्वच्छ देहरादून’ संकल्प के तहत फिलहाल समझाइश का रास्ता अपना रहा है। लेकिन अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि बार-बार चेतावनी के बावजूद यदि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों या आवासीय कॉलोनियों में खुले में कूड़ा जलाया गया, तो चालानी कार्रवाई तेज की जाएगी।

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दून की विशिष्ट भौगोलिक बनावट के चलते यहां सर्दियों के करीब आते ही प्रदूषक तत्व हवा के निचले स्तर पर ठहर जाते हैं, जिसके चलते आने वाले हफ्तों में ऐसे अभियान शहर के अन्य वार्डों में भी चलाए जाएंगे।

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