देहरादून, 29 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून नगर निगम की चतुर्थ बोर्ड बैठक में जनता से जुड़े एक संवेदनशील और लंबे समय से लंबित मुद्दे पर बड़ा फैसला लिया गया है। शहर में मांगलिक अवसरों पर किन्नरों द्वारा वसूली जाने वाली मनमानी धनराशि की शिकायतों को देखते हुए निगम ने अब इसकी अधिकतम सीमा 5,100 रुपये तय कर दी है। मेयर सौरभ थपलियाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कोई भी अब इस निर्धारित राशि से अधिक की मांग नहीं कर सकेगा।
सफाई कर्मियों के मानदेय में बड़ी वृद्धि
बोर्ड बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाले पर्यावरण मित्रों को भी बड़ी राहत दी गई है। नगर निगम ने सफाई कर्मियों का दैनिक मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये प्रतिदिन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, मेयर ने शहर के सभी वार्डों में पर्यावरण मित्रों का समान वितरण सुनिश्चित करने की भी घोषणा की, ताकि किसी भी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
हंगामे की भेंट चढ़ी बैठक, पार्षदों में तीखी नोकझोंक
नगर निगम परिसर में आयोजित इस बैठक का माहौल काफी गरमाया रहा। कुल 65 प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन शुरुआत से ही बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। शोर-शराबे और हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो पाई। पार्षदों ने एक-दूसरे पर विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
किन्नर समाज की प्रतिक्रिया पर टिकी नजरें
किन्नरों की बधाई राशि का प्रस्ताव पिछली बोर्ड बैठक में भी लाया गया था, लेकिन तब सहमति नहीं बन पाने के कारण इसे टाल दिया गया था। इस बार पार्षदों के कड़े रुख के बाद इसे पास कर दिया गया है। हालांकि, निगम के इस फैसले पर अब किन्नर समाज की प्रतिक्रिया का इंतजार है। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या किन्नर समाज इस सीमा को स्वीकार करेगा या इसके विरोध में उतरेगा।
गुरुवार को फिर होगी बैठक
बुधवार को समय की कमी और हंगामे के कारण सभी 65 प्रस्तावों पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी। मेयर सौरभ थपलियाल ने बताया कि शेष प्रस्तावों और जनहित के अन्य विषयों पर निर्णय लेने के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे से दोबारा बोर्ड बैठक बुलाई गई है।









