---Advertisement---

देहरादून में 31 घंटे से पानी की टंकी पर डटी हैं नर्सें, अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस को बताया ‘ब्लैक डे’

---Advertisement---

देहरादून, 12 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में वर्षवार नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 31 घंटों से अधिक समय से कई नर्सें और उनके समर्थन में आईं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला पानी की टंकी पर चढ़ी हुई हैं।

रविवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर जहां दुनिया भर में नर्सों के योगदान की सराहना की जा रही है, वहीं उत्तराखंड के ये बेरोजगार अभ्यर्थी इसे ‘ब्लैक डे’ के रूप में मना रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 159 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। टंकी पर चढ़ी महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे नीचे नहीं उतरेंगी। इस दौरान शहर में हुई बारिश और तेज धूप के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी जगह से टस से मस नहीं हुए।

प्रशासन पर तानाशाही का आरोप

नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलन को कुचलने के लिए तानाशाही रवैया अपना रहा है। पुंडीर के मुताबिक, टंकी पर चढ़े आंदोलनकारियों के लिए भोजन और पानी भेजने तक पर रोक लगाई जा रही है, जो कि मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस उन लोगों के लिए खुशी का दिन हो सकता है जिनके पास रोजगार है, लेकिन सड़क पर बैठे हजारों युवाओं के लिए यह दिन केवल संघर्ष का प्रतीक है।

वार्ता के नतीजों पर टिकी भविष्य की रणनीति

आंदोलनकारियों की आज दोपहर उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक (DG Health) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक होनी है। नर्सिंग एकता मंच ने चेतावनी दी है कि यदि इस वार्ता में वर्षवार नियुक्ति को लेकर कोई सकारात्मक और निर्णायक परिणाम नहीं निकलता है, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांग है कि राज्य सरकार उन्हें उपहार स्वरूप नियुक्ति का आदेश जारी करे।

धरने पर बैठीं मधु उनियाल ने भावुक होते हुए कहा, “सुबह से फोन पर शुभकामनाओं के संदेश आ रहे हैं, लेकिन जब भविष्य अंधकार में हो तो ये बधाइयां बेमानी लगती हैं। हम पिछले 5 महीनों से सड़कों पर हैं, फिर भी सरकार हमारी सुध नहीं ले रही है।” फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment