देहरादून पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत वशीकरण का झांसा देकर 100 से अधिक लोगों को ठगने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी बैंक खाते और आईडी बरामद।
देहरादून (13 अक्टूबर) : तंत्र-मंत्र और वशीकरण के नाम पर भोली-भाली जनता को डिजिटल जाल में फंसाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का देहरादून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो कथित तांत्रिकों को दबोच लिया।
आरोपी खुद को सोशल मीडिया पर ‘ज्योतिषाचार्य’ और ‘वशीकरण विशेषज्ञ’ बताकर पारिवारिक कलह व निजी संकटों से जूझ रहे लोगों से ऑनलाइन मोटी रकम ऐंठ रहे थे। पुलिस टीम ने चमन विहार स्थित किराए के ठिकाने पर छापा मारकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ा, जिनके पास से बड़े पैमाने पर फर्जी पहचान पत्र और बैंक दस्तावेज मिले हैं।
सोशल मीडिया विज्ञापनों से बिछाया वशीकरण का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी शाहरुख (26 वर्ष, निवासी जानसठ, मुजफ्फरनगर) और सलमान (24 वर्ष, निवासी राजौवाला, शामली) पिछले डेढ़ महीने से पटेलनगर के चमन विहार फेज-1 स्थित ‘आशियाना होम्स’ में छिपकर रह रहे थे। दोनों शातिरों ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शास्त्री, तांत्रिक और वशीकरण विशेषज्ञ के नाम से भ्रामक प्रचार अभियान चला रखा था। विज्ञापनों में अपनी असली पहचान पूरी तरह छिपाकर केवल मोबाइल नंबर दिए गए थे।
जब कोई पीड़ित अपनी घरेलू, वैवाहिक या आर्थिक परेशानी लेकर संपर्क करता, तो आरोपी कथित तंत्र अनुष्ठान और विशेष सिद्धियों का ढोंग रचकर अनुष्ठान खर्च के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
फर्जी दस्तावेजों से खोले गए बैंक खाते
पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह राठौड़ और बाजार चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष कुमार की टीम ने मुखबिर की सूचना पर 12 अक्टूबर की देर रात फ्लैट पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 8 फर्जी आधार कार्ड, अलग-अलग बैंकों के 10 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 1 ड्राइविंग लाइसेंस, 1 वोटर कार्ड, 2 हस्ताक्षरित चेक, एक मेट्रो कार्ड और ठगी में इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल सिम कार्ड बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने पुलिस की नजरों से बचने के लिए दिलनवाज और मोहम्मद भूरा नामक व्यक्तियों के जाली दस्तावेज तैयार किए और उन पर देहरादून का पता दर्ज कर नए बैंक खाते खुलवाए, ताकि ठगी की रकम सीधे इन खातों में मंगवाई जा सके।
सौ से अधिक पीड़ित
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से 100 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब उनके बैंक खातों के लेन-देन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) खंगाल रही है, ताकि ठगी गई कुल रकम का सटीक आकलन किया जा सके।
कोतवाली पटेलनगर में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5), 318(4) [धोखाधड़ी], 336(3) [जालसाजी], 338 और 340(2) [फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल] के तहत मुकदमा अपराध संख्या 753/26 दर्ज कर कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। दून पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अंधविश्वास और वशीकरण का दावा करने वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं।









