गंगोलीहाट, 31 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Patal Bhuvaneshwar Cave : उत्तराखंड के गंगोलीहाट में स्थित प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा में मॉनसून के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्रवेश पर 11 अगस्त से 10 अक्तूबर तक अस्थायी रोक लगा दी गई है। बारिश के मौसम में इस पौराणिक और गहरी गुफा के भीतर प्राकृतिक हवा का प्रवाह बुरी तरह प्रभावित होता है।
हवा का बहाव रुकने से गुफा के भीतर ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटने लगता है जो अंदर जाने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसी गंभीर सुरक्षा जोखिम और संभावित स्वास्थ्य खतरों का आकलन करने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई ने यह कड़ा कदम उठाया है।
एएसआई के देहरादून मंडल कार्यालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है जिसके तहत आगामी 11 अगस्त 2026 से लेकर 10 अक्तूबर 2026 तक पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि बरसात के दिनों में गुफा के भूगर्भीय वातावरण में इस तरह के बदलाव आम बात हैं।
वरिष्ठ संरक्षण सहायक की तरफ से भेजी गई विस्तृत धरातलीय रिपोर्ट और एएसआई मुख्यालय से प्राप्त विशेष दिशा-निर्देशों के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया है। किसी भी प्रकार की अनहोनी या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यह एहतियाती उपाय बेहद जरूरी माना गया है।
अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए सीधे 10 अक्टूबर के बाद का ही इंतजार करना होगा। मॉनसून के पूरी तरह विदा होने और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद ही मंदिर समिति और विभाग आगे का फैसला लेंगे।
पाताल भुवनेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष नीलम सिंह भंडारी ने साफ शब्दों में कहा है कि मॉनसून के दौरान ऑक्सीजन की कमी की आशंका को देखते हुए ही यह पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस प्रतिबंधित अवधि के दौरान अपनी यात्रा की कोई भी योजना न बनाएं।









