पिथौरागढ़, 15 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)
Pithoragarh : सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र में बाल विवाह और यौन शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल में एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया। इस घटना के सामने आते ही अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी कथित पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम पुणे (महाराष्ट्र) भेजी गई है।
अस्पताल में खुली बाल विवाह की पोल
जानकारी के अनुसार, मुनस्यारी की रहने वाली किशोरी को प्रसव पीड़ा होने पर उसके ससुराल पक्ष के लोग जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने जब किशोरी की उम्र देखी, तो वे दंग रह गए। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस जांच में पता चला कि किशोरी और आरोपी युवक एक-दूसरे को स्कूल के समय से जानते थे और पिछले साल उन्होंने एक मंदिर में चुपचाप शादी कर ली थी।
पुणे में रह रहा था जोड़ा, आरोपी फरार
शादी के बाद 21 वर्षीय आरोपी युवक किशोरी को अपने साथ पुणे ले गया था, जहां वह एक निजी कंपनी में काम करता है। किशोरी वहां गर्भवती हुई और प्रसव के लिए वापस मुनस्यारी आई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक बच्चे के नामकरण संस्कार के लिए गांव आने वाला था, लेकिन कानूनी कार्रवाई की भनक लगते ही वह पुणे में ही रुक गया है। बलुवाकोट थानाध्यक्ष नीमा बोहरा ने बताया कि आरोपी युवक की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और उसे पकड़ने के लिए टीम रवाना हो चुकी है।
बिखरे परिवार और जटिल सामाजिक स्थिति
जांच में यह भी सामने आया है कि किशोरी की पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी जटिल है। उसके पिता पुणे में ही सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं, जबकि उसकी मां परिवार छोड़ चुकी है। दोनों माता-पिता ने दूसरी शादियां कर ली हैं। किशोरी मुनस्यारी में अपनी सौतेली मां के साथ रह रही थी, जिसके बाद उसकी शादी कर दी गई।
सब-इंस्पेक्टर बबीता टम्टा ने बताया कि मामले में परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है कि आखिर एक नाबालिग की शादी किन परिस्थितियों में और किन लोगों की मौजूदगी में कराई गई।
प्रशासनिक सतर्कता और आगामी कदम
बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती ने बताया कि समिति जच्चा-बच्चा की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। अस्पताल में किशोरी की देखभाल के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस अब इस मामले में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने इस अवैध बाल विवाह को अंजाम देने में मदद की थी।









