देहरादून, 13 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा तैयारियों के बीच देहरादून का प्रेमनगर इलाका बीती रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। पुलिस और सहारनपुर के खूंखार बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में एक वांटेड गैंगस्टर के दोनों पैरों में गोली लगी है। खून से लथपथ हालत में उसे दून के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रात का वक्त था और एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों पर पूरे जिले में सघन चेकिंग अभियान चल रहा था। दरू चौक के पास प्रेमनगर पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर हर गाड़ी पर नजर रख रही थी। गोरखपुर चौक की तरफ से एक काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल आती दिखी।
इस मोटरसाइकिल पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी और दो संदिग्ध लोग इस पर सवार थे। पुलिस ने टार्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया। रुकने के बजाय बाइक सवारों ने अचानक रेस बढ़ा दी और तेजी से चाय बागान की तरफ मुड़ गए।
ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को इस भागती हुई बिना नंबर की बाइक की लोकेशन दी। वायरलेस सेट पर मैसेज फ्लैश होते ही आसपास के थानों की फोर्स भी अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस की गाड़ियों ने इन संदिग्धों का पीछा करना शुरू कर दिया।
पीछे हुटर बजाती पुलिस की गाड़ियां देखकर बदमाशों के होश उड़ गए। पीतांबरपुर बनियावाला मार्ग पर उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल सड़क के किनारे फेंक दी। अंधेरे का फायदा उठाकर दोनों बदमाश घने चाय बागान की तरफ पैदल ही भागने लगे।
पुलिस की टीम भी गाड़ी से उतरी और चाय बागान में कॉम्बिंग शुरू कर दी। खुद को घिरता देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधा फायर झोंक दिया। अचानक हुई इस फायरिंग में पुलिस का एक सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
बदमाशों की जानलेवा फायरिंग का पुलिस ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। पुलिस की तरफ से हुई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली जा धंसी और वह चीखता हुआ वहीं गिर पड़ा। उसका दूसरा साथी रात के घने अंधेरे और बागान की झाड़ियों का फायदा उठाकर वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा।
गोली लगने से घायल बदमाश की पहचान 26 वर्षीय रईस के रूप में हुई। रईस सहारनपुर जिले के थाना मंडी क्षेत्र के खाताखेड़ी मोहल्ले का रहने वाला है। वर्तमान में वह सहारनपुर के ही फतेहपुर थाना क्षेत्र के छुटमलपुर कस्बे की आजाद कॉलोनी में छिपकर रह रहा था।
फरार हुए दूसरे बदमाश की पहचान नवाब निवासी सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस की कई टीमें इस फरार बदमाश को पकड़ने के लिए लगातार अलग-अलग रास्तों पर दबिश दे रही हैं। उच्चाधिकारियों ने भी रात में ही मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का बारीकी से मुआयना किया।
रईस कोई मामूली अपराधी नहीं है बल्कि वह सहारनपुर का एक कुख्यात गैंगस्टर है। उसके ऊपर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग थानों में गौकशी, चोरी, जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के 15 मुकदमे दर्ज हैं। देहरादून के डोईवाला और प्रेमनगर के साथ-साथ हरिद्वार के रानीपुर में भी उसके खिलाफ गंभीर मामले चल रहे हैं।
पूछताछ में रईस ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने कुबूल किया कि वह पिछले दो साल से प्रेमनगर क्षेत्र में हुई एक गौकशी की घटना में वांटेड चल रहा था। साल 2024 में उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर इस इलाके में गोवंश को काटा था।
उस पुरानी घटना में प्रेमनगर पुलिस ने उसके चारों साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रईस तभी से पुलिस को चकमा देकर फरार था। वह लगातार अपनी लोकेशन और ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।
12-13 अगस्त 2026 की रात वह एक बार फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने देहरादून घुसा था। उसने बताया कि वह अपने साथी नवाब के साथ टी-स्टेट और आसपास घूमने वाले आवारा गोवंश की रेकी कर रहा था। सीसीटीवी कैमरों की पकड़ से बचने के लिए ही उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट निकाल दी थी।
मौके पर जो सामान मिला है वह बदमाशों के खतरनाक इरादों की गवाही दे रहा है। पुलिस ने रईस के पास से 315 बोर का एक तमंचा और दो खोखे कारतूस बरामद किए हैं। सड़क किनारे फेंकी गई स्प्लेंडर बाइक से जानवरों को काटने के लिए लाई गई एक कुल्हाड़ी, एक बड़ा चापड़, दो छुरियां और एक मजबूत नायलॉन की रस्सी बरामद हुई है।
इस पूरी मुठभेड़ और जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने रईस और नवाब के खिलाफ कोतवाली प्रेमनगर में नया मुकदमा दर्ज कर लिया है। बीएनएस की धारा 109 और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर नंबर 168/26 दर्ज की गई है।
इस दुस्साहसिक एनकाउंटर को अंजाम देने वाली टीम में कोतवाली प्रेमनगर प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह राठौड़ लीड कर रहे थे। उनके साथ उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, जैनेंद्र राणा और कांस्टेबल रवि शंकर, पंकज कुमार व श्रीकांत मलिक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इस खूंखार हिस्ट्रीशीटर को घुटनों पर ला दिया।









