उत्तराखंड में सरकारी जमीनों के आवंटन पर कांग्रेस ने खोला मोर्चा। हरिद्वार में हरीश रावत समेत वरिष्ठ नेताओं ने 11 स्थानों पर दिया धरना।
हरिद्वार, 04 नवंबर : उत्तराखंड में सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों के आवंटन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बुधवार को ‘भूमि बचाओ–धामी हटाओ’ अभियान के तहत राज्यभर में 11 महत्वपूर्ण स्थानों पर एक साथ धरना-प्रदर्शन आयोजित किए गए। हरिद्वार में हरकी पैड़ी के पास अलकनंदा होटल के समीप पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ मोर्चा संभाला और राज्य सरकार पर सरकारी संपत्तियों की बंदरबांट का सीधा आरोप लगाया।
सरकारी जमीनों पर जनता का हक: हरीश रावत
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश की बेशकीमती सरकारी जमीनें और सार्वजनिक संपत्तियां राज्य की जनता की साझा अमानत हैं। इनका संरक्षण करना शासन का दायित्व है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इन्हें कथित तौर पर निजी हितों और चहेतों को लाभ पहुंचाने का जरिया बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमीनों के फैसलों को लेकर जनता के बीच गहरा संदेह है और सरकार को अपनी नीतियों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन जल, जंगल, जमीन और स्थानीय संसाधनों पर राज्यवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के संकल्प के साथ हुआ था। आज वही संसाधन खतरे में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी जमीनों के उपयोग और आवंटन को लेकर स्पष्ट नीति क्या है और इन फैसलों से वास्तविक लाभ किसे पहुंचाया जा रहा है।
मसूरी से नैनीताल तक 11 स्थानों पर मोर्चा
कांग्रेस के इस प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा के तहत वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग स्थानों पर धरने की कमान संभाली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मसूरी के हाथीपांव स्थित जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट में धरना दिया। वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने नैनीताल के पटवाडांगर व ज्योलीकोट क्षेत्र में नेतृत्व किया। इसके अलावा प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने डाकपत्थर में सरकारी भूमि पर प्रदर्शन किया, जबकि चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने ऋषिकेश के आईडीपीएल परिसर में कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया।
सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
हरिद्वार के धरने में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पालीवाल, संतोष चौहान, विधायक रवि बहादुर, विधायक अनुपमा रावत, पूर्व विधायक राम यश सिंह, लोकसभा प्रत्याशी रहे वीरेंद्र रावत, महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, हरिद्वार ग्रामीण जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह और संजय अग्रवाल समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया कि सार्वजनिक संपत्तियों और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों के लिए यह विरोध केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि इस मुद्दे पर सड़क से लेकर विधानसभा सदन तक आंदोलन जारी रहेगा।









