देहरादून, 17 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Rahul Gandhi Dehradun : देहरादून का बन्नू कॉलेज ग्राउंड। भारी बारिश हो रही है। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हजारों युवाओं की भीड़ मौजूद है। मंच पर राहुल गांधी ने सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में हुए पेपर लीक से 7.5 करोड़ युवाओं का भारी नुकसान हुआ है। युवाओं के सामने रोजगार के 5 में से 4 दरवाजे बंद हो चुके हैं।
मंच पर लगी बड़ी स्क्रीन पर देहरादून की छात्रा रिया थापा की तस्वीर दिखाई गई। रिया ने पेपर लीक से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। राहुल गांधी ने रिया के पिता राजेश को मंच पर बुलाया। राजेश ने अपनी बेटी की दास्तां सुनाई। रिया रात 3 बजे तक पढ़ाई करती थी। पेपर लीक होने वाले दिन वह बहुत ज्यादा रोई थी। उसकी मौत को राहुल गांधी ने बेहद दुखद बताया।
राहुल गांधी का विमान सीधे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरा। वे वहां से कांग्रेस के दिवंगत नेता अमर मेहता के घर गए। गुरुवार को कार्यक्रम स्थल पर हुए एक हादसे में अमर मेहता की मौत हो गई थी। राहुल ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
अमर मेहता के निधन के कारण कार्यक्रम के समय में बदलाव किया गया। पहले राहुल गांधी को शाम 5 बजे आना था। उनका नया समय दोपहर 1.30 बजे तय किया गया। कांग्रेस पार्टी के आंकड़ों के मुताबिक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 2.5 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। भारी भीड़ देखकर कांग्रेस के नेता काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
कार्यक्रम में मैथ्स पढ़ाने वाले मशहूर शिक्षक अभिनय सर भी मौजूद थे। उन्होंने पेपर लीक को सीधा एक उद्योग करार दिया। अभिनय सर ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इस पेपर लीक से बहुत बुरी तरह प्रभावित होंगी। सरकार को सिर्फ बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। पेपर लीक की खबरों को गंभीरता से लेने और सिस्टम को सुधारने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की हकीकत पर राहुल गांधी ने कई आंकड़े रखे। एक छात्र रोजाना आठ से दस घंटे तक पढ़ाई करता है। देश के करोड़ों युवा अपनी सामान्य सामाजिक जिंदगी और खुशियां छोड़ देते हैं। एक युवा अकेले तैयारी नहीं करता, उसका पूरा परिवार उसके साथ हर कदम पर खड़ा रहता है।
देश के कई परिवारों को बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग का भारी खर्च उठाने के लिए अपनी क्षमता से बाहर जाकर दूसरों से कर्ज तक लेना पड़ता है। आर्थिक तंगी और पैसों की भारी कमी के कारण बहुत से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। मध्यम वर्ग के लिए सरकारी नौकरी बहुत मायने रखती है। जब कोई पेपर लीक होता है तो पूरे परिवार की कमर टूट जाती है।
हिंदुस्तान का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर इस वक्त पूरी तरह बंद है। देश में एंटरप्रेन्योर हैं लेकिन कॉरपोरेट नौकरियां बहुत कम हैं। दूसरी नौकरियां भी युवाओं को आसानी से नहीं मिल पातीं। युवाओं के हाथ में अब सिर्फ सरकारी नौकरी का ही एक रास्ता बचा है। राहुल गांधी ने बारिश के बीच डटे रहने वाले युवाओं के हाई जोश की तारीफ करते हुए उन्हें देश की असली पहचान बताया। शिक्षा, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर युवाओं से यह सीधा संवाद किया गया।









