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Rahul Gandhi Rally : ‘कार्यक्रम रोकने का आरोप पूरी तरह निराधार…’, महेंद्र भट्ट बोले- जनता में भ्रम फैला रही कांग्रेस

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देहरादून, 15 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Rahul Gandhi Rally : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देहरादून दौरे पर रैली स्थल को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार देर रात समाप्त हो गया। प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच लंबी बहस के बाद बन्नू स्कूल मैदान में रैली आयोजित करने पर सहमति बनी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए जनता के बीच जानबूझकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

महेंद्र भट्ट ने तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने परेड ग्राउंड में कार्यक्रम के लिए जो प्रारंभिक आवेदन प्रशासन को दिया था उसमें राहुल गांधी का नाम नहीं था। आवेदन पत्र में किसी भी राष्ट्रीय स्तर के नेता के कार्यक्रम का कोई उल्लेख नहीं किया गया।

प्रशासनिक नियमों के तहत किसी भी राष्ट्रीय नेता के कार्यक्रम के लिए आवेदन में स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य होता है। कांग्रेस ने यह महत्वपूर्ण जानकारी प्रशासन से छिपाई और अब पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक रंग दे रही है।

देहरादून के परेड ग्राउंड में वर्तमान में केंद्र सरकार का लोक संवर्धन पर्व चल रहा है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और मैदान पहले से बुक है।

बीते दिनों राष्ट्रीय शोक घोषित होने के कारण लोक संवर्धन पर्व के सांस्कृतिक कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर आयोजित नहीं हो सके थे। भारत सरकार ने परिस्थितियों को देखते हुए इस कार्यक्रम की अवधि को दो दिन और आगे बढ़ाया है।

जिला प्रशासन ने सुरक्षा और मैदान की उपलब्धता को देखते हुए कांग्रेस को बन्नू स्कूल मैदान का सीधा विकल्प दिया था। सरकार या प्रशासन द्वारा राहुल गांधी का कार्यक्रम रोकने के कांग्रेस के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि भाजपा हर राजनीतिक दल के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करती है। सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे कानून-व्यवस्था और पहले से तय कार्यक्रमों का ध्यान रखें।

उत्तराखंड में सभी राजनीतिक दलों को तय प्रक्रिया के तहत कार्यक्रम आयोजित करने का समान अधिकार प्राप्त है। उपयुक्त स्थान खाली होने और प्रशासनिक शर्तें पूरी होने पर नियमानुसार अनुमति दी जाती है।

कांग्रेस को प्रशासनिक निर्णयों को राजनीतिक षड्यंत्र बताने की जगह अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करना चाहिए। प्रशासन ने किसी भी स्तर पर कार्यक्रम को रोकने का प्रयास नहीं किया बल्कि तुरंत वैकल्पिक स्थान का प्रस्ताव रखा था।

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