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Ramdas Athawale Dehradun Visit : देहरादून पहुंचे रामदास अठावले, पेपर लीक करने वालों को लेकर कर दी बड़ी मांग!

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देहरादून, 7 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Ramdas Athawale Dehradun Visit : भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे।

बीजापुर गेस्ट हाउस में उन्होंने एक विस्तृत प्रेस वार्ता को संबोधित किया। केंद्र सरकार की सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से जुड़ी नीतियों का पूरा ब्योरा मीडिया के सामने रखा गया।

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर अठावले ने कई अभूतपूर्व निर्णयों का जिक्र किया। इन 12 वर्षों में लिए गए फैसलों ने देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांगजनों के लिए लगातार नीतियां बना रहा है। समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ट्रांसजेंडर और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुरक्षित करने के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं।

प्रधानमंत्री जन धन योजना के आंकड़े काफी चौंकाने वाले रहे हैं। देशभर में अब तक 58.30 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले जा चुके हैं।

उत्तराखंड के भीतर 40.91 लाख लोगों ने जन धन खाते खुलवाए हैं। राज्य के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचने से गरीब तबके को सीधा आर्थिक फायदा हुआ है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने रोजगार के नए रास्ते खोले हैं। पूरे देश में 58.31 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन स्वीकृत किए गए हैं।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 36.87 लाख लाभार्थियों को मुद्रा योजना का ऋण मिला है। युवा खुद का व्यवसाय शुरू कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर पलायन रोकने में यह वित्तीय मदद एक बड़ा हथियार साबित हो रही है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत 12.17 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिला है। गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाले भारी खर्च से गरीब परिवारों को पूरी तरह राहत मिल गई है।

युवाओं में बढ़ते नशे की लत एक बड़ी चिंता का विषय रही है। सरकार ने नशा मुक्ति के लिए पूरे भारत में 790 नए केंद्रों की स्थापना की है।

वृद्धाश्रमों को सरकारी सहयोग बढ़ाया गया है। एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

आरक्षण के मुद्दे पर रामदास अठावले का रुख बेहद स्पष्ट था। आरक्षण एक संविधान प्रदत्त व्यवस्था है।

आरक्षण का विरोध करना सीधे तौर पर संविधान की मूल भावना का अपमान है। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ ही ओबीसी को भी आरक्षण का लाभ देने की परिकल्पना की थी। उस दौर की परिस्थितियों में यह पूरी तरह लागू नहीं हो पाया था।

जातीय जनगणना के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने इसका पुरजोर समर्थन किया। जातीय जनगणना से सभी समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन हो सकेगा। योजनाओं का प्रभावी लाभ सही और पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए यह डेटा बेहद जरूरी है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिला आरक्षण पहल को एक मील का पत्थर माना गया। लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की सीधी भागीदारी इससे कई गुना बढ़ जाएगी।

परिसीमन की प्रक्रिया में सभी दलों को साथ लाने की कोशिश होगी। व्यापक राजनीतिक सहमति बनने के बाद ही यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

प्रश्नपत्र लीक की लगातार हो रही घटनाओं ने छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए अब देश में एक कड़ा कानून लागू कर दिया है।

दोषियों के खिलाफ इस नए कानून के तहत सबसे सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अठावले ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अपराधियों का पूरी तरह से सामाजिक बहिष्कार करें।

मानसून सत्र में संसद के बार-बार बाधित होने पर उन्होंने चिंता जताई। सभी राजनीतिक दलों को राष्ट्रहित में संसद का कामकाज सुचारु रूप से चलने देना चाहिए। जनहित से जुड़े मुद्दों पर संसद में सार्थक बहस होना एक स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ अपने संबंधों पर अठावले ने खुलकर बात की। उन्होंने सीएम धामी को अपना एक बहुत अच्छा मित्र बताया।

धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। राज्य में चल रहे विकास कार्यों और नीतियों की केंद्रीय मंत्री ने जमकर तारीफ की।

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