देहरादून, 24 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून पुलिस कार्यालय में आज उस वक्त एक अलग नजारा देखने को मिला जब जिले के कप्तान खुद एक फरियादी की गाड़ी तक पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कार्यालय आए एक 84 वर्षीय बुजुर्ग की शारीरिक अक्षमता को देखते हुए प्रोटोकॉल से हटकर उनसे मुलाकात की और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया।
कार्यालय से बाहर आकर सुनी समस्या
जानकारी के अनुसार, 84 वर्षीय एक बुजुर्ग अपनी शिकायत लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। अत्यधिक उम्र और शारीरिक रूप से चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण वे कार्यालय के भीतर आने की स्थिति में नहीं थे। इसकी सूचना मिलते ही एसएसपी स्वयं अपने कक्ष से बाहर निकलकर पार्किंग क्षेत्र में बुजुर्ग के वाहन के पास पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक बुजुर्ग की बात सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
बसंत विहार पुलिस को कड़े निर्देश
बुजुर्ग व्यक्ति ने एसएसपी को बताया कि वे अपने घर पर अकेले रहते हैं और उन्हें कुछ असामाजिक तत्वों या संबंधित प्रकरण में पुलिस सहायता की आवश्यकता है। मामले की गंभीरता देखते हुए एसएसपी ने तत्काल थानाध्यक्ष बसंत विहार को फोन पर निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण की विवेचना को वरीयता (Priority) के आधार पर लिया जाए और आरोपी के विरुद्ध सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
सुरक्षा के साथ सेवा का संकल्प
एसएसपी ने केवल कानूनी कार्रवाई तक ही निर्देश सीमित नहीं रखे, बल्कि पुलिस को मानवीय पक्ष पर काम करने को भी कहा। थानाध्यक्ष बसंत विहार को निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर बुजुर्ग के घर जाकर उनकी कुशलक्षेम लें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की असुरक्षा महसूस न हो। दून पुलिस ने स्पष्ट किया कि अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा उनकी शीर्ष प्राथमिकता है।









