उत्तराखंड में 26 अक्टूबर से खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर निर्माण और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य होगा। एफडीए ने खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आदेश जारी किए।
देहरादून (19 अक्टूबर) : उत्तराखंड में आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन से ठीक पहले मिलावट और बासी मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्यभर में अब मिठाई की दुकानों और बेकरी काउंटरों पर रखी खुली मिठाइयों की ट्रे पर उनका निर्माण दिन (मैन्युफैक्चरिंग डेट) और इस्तेमाल की अंतिम तारीख (एक्सपायरी डेट) प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।
खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे ने इस बाबत औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जो 26 अक्टूबर 2026 से पूरे प्रदेश में एक साथ प्रभावी होंगे। अब तक यह व्यवस्था सिर्फ सीलबंद पैकेटों पर लागू थी, जिससे खुली ट्रे में रखी मिठाइयों की ताजगी को लेकर ग्राहक अंधेरे में रहते थे।
मिठाई की ट्रे पर दिखेगी अब अंतिम तारीख
एफडीए के आदेशानुसार 26 अक्टूबर से दुकानदारों को केवल मिठाई के नाम और रेट की पर्ची लगाने से काम नहीं चलेगा। अब काउंटर के भीतर रखी हर ट्रे पर स्पष्ट अक्षरों में लिखना होगा कि मिठाई किस दिन तैयार की गई और वह कब तक खाने योग्य है। विभाग के मुताबिक खोया, छेना और दूध से बनने वाले उत्पादों की मियाद महज 24 से 48 घंटे होती है, जबकि मेवे और बेसन की मिठाइयों की शेल्फ लाइफ लंबी होती है। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि कई दुकानों पर पुरानी मिठाइयों को ताजी में मिलाकर बेचा जा रहा था और ग्राहकों को उत्पाद की असली स्थिति की भनक तक नहीं लगती थी।
खाद्य सुरक्षा कानून की धाराओं के तहत फैसला
इस नई व्यवस्था को कानूनी जामा पहनाने के लिए विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18(1)(a) और धारा 30(2)(d) का सहारा लिया है। इन वैधानिक प्रावधानों के तहत जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों के पारदर्शी क्रियान्वयन का पूरा अधिकार राज्य खाद्य संरक्षा प्रशासन को हासिल है। आयुक्त विनय शंकर पांडे ने साफ किया है कि विभागीय जांच में यह गंभीर कमी पाई गई थी कि ग्राहक को उत्पाद के उपभोग की समयसीमा पता ही नहीं चलती। नए नियम से व्यापार में पारदर्शिता आएगी और त्योहारी मांग के दौरान बासी स्टॉक खपाने वाले कारोबारियों पर सीधी लगाम लगेगी।
पूरे प्रदेश में चलेगा सघन जांच अभियान
यह व्यवस्था केवल राजधानी देहरादून या प्रमुख शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पर्वतीय जिलों समेत पूरे उत्तराखंड की सीमा में लागू होगी। एफडीए की सचल टीमें 26 अक्टूबर के बाद प्रदेश भर के मिठाई और बेकरी प्रतिष्ठानों पर औचक छापे मारेंगी। यदि किसी काउंटर पर बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तारीख के खुली मिठाइयां पाई गईं, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जब्ती और चालान की कार्रवाई की जाएगी। त्योहारी सीजन में बड़े पैमाने पर मिठाई तैयार होने के मद्देनजर प्रशासन ने व्यापारियों को तय समयसीमा से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।









