देहरादून, 24 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।
Success Story : रायपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने राजधानी देहरादून में एक नए स्टार्टअप “हिमालयन समूण कैफे – उपहार” का फीता काटकर भव्य शुभारंभ किया है। इस कैफे की शुरुआत के पीछे का मकसद विशुद्ध रूप से व्यावसायिक मुनाफा कमाना नहीं है। इसका सीधा ताल्लुक उत्तराखंड के सीमांत गांवों के स्थानीय किसानों की किस्मत बदलने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को धरातल पर उतारने से जुड़ा हुआ है।
इस पूरे वेंचर की मुख्य सूत्रधार और संस्थापक सुश्री निधि सेमवाल हैं। निधि ने अमेरिका और स्विट्जरलैंड जैसे विकसित देशों में वर्षों तक बेहतरीन कॉर्पोरेट कंपनियों में ऊंचे पदों पर काम किया है।
अपनी जन्मभूमि के प्रति गहरे लगाव के कारण उन्होंने विदेशी धरती के ऐशो-आराम को अलविदा कह दिया। वह वापस उत्तराखंड आईं और स्थानीय स्तर पर कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सचिदानंद सेमवाल के साथ मिलकर इस पूरी योजना का खाका तैयार किया।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने रिबन काटने के बाद कैफे के मेन्यू और वहां रखे गए स्थानीय कृषि उत्पादों को करीब से देखा। युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने वाले इस प्रयास को उन्होंने राज्य के लिए बेहद अनुकरणीय बताया।
उत्तराखंड सूचना विभाग के निदेशक श्री के.एस. चौहान ने इस उद्घाटन समारोह में शिरकत करते हुए कहा कि सूबे की असली ताकत यहां के दुर्गम इलाकों में खेती करने वाले काश्तकार और हमारी अनूठी संस्कृति ही है। इस तरह के आउटलेट देहरादून जैसे बड़े शहरों में खुलने से राज्य की एक सकारात्मक ब्रांडिंग देश-दुनिया के पर्यटकों के बीच तेजी से फैलेगी।
पद्मश्री से सम्मानित मशहूर लोकगायक श्री प्रीतम भरतवाण ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अपणी माटी, अपणी भाषा, अपणो खान-पान और अपणी संस्कृति ही हमारी असली धरोहर है। आधुनिकता की दौड़ में अंधी हो रही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों की तरफ वापस मोड़ने के लिए खान-पान से बेहतर कोई दूसरा जरिया नहीं हो सकता।
कैफे के संचालकों निधि सेमवाल और सचिदानंद सेमवाल का साफ मानना है कि अगर सूबे के नौजवान नौकरियों की तलाश में लगातार पलायन कर पहाड़ छोड़ रहे हैं, तो कुछ लोगों को वहां के संसाधनों का इस्तेमाल कर बेहतर अवसर पैदा करने के लिए वापस रिवर्स पलायन भी करना होगा।
भविष्य में यह कैफे सीधे तौर पर उत्तराखंड के सुदूरवर्ती गांवों के किसानों से मंडुवा, झंगोरा, गहत, भट्ट और जखिया जैसे अनाज और मसालों की सीधी खरीद करेगा। बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह खत्म करने के लिए ग्रामीण इलाकों में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों को इस सप्लाई चेन का मुख्य हिस्सा बनाया जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल उद्घाटन कार्यक्रम में समाज के अलग-अलग तबकों से जुड़े कई रसूखदार चेहरे और प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से श्री राकेश भट्ट, श्री गजेन्द्र नौटियाल, श्री अनिरुद्ध रैथवाण, श्रीमती नलानी गुसाईं, श्री संजय कुमोला और श्री राय सिंह रावत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अमेरिका से विशेष रूप से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने देहरादून पहुंचे श्री योगेश रामोला और श्रीमती लक्ष्मी रामोला ने भी इस पूरी पहल की दिल खोलकर तारीफ की।









