देहरादून के नामी स्कूल में छात्रा से कथित छेड़छाड़ मामले में शिक्षक पर एफआईआर दर्ज हुई है। वहीं सोशल मीडिया पर पूर्व छात्राओं ने पुराने आरोप उजागर किए हैं।
देहरादून (25 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून के एक प्रतिष्ठित स्कूल में छात्रा के साथ कथित ‘बैड टच’ का मामला सामने आने के बाद अब करीब दो दशक पुराना कच्चा-चिट्ठा बाहर आ रहा है। मौजूदा छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार देर शाम आरोपी फिजिक्स शिक्षक के खिलाफ कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही स्कूल की पूर्व छात्राओं ने सोशल मीडिया पर शिक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक पिछले 20 साल से ऐसी हरकतें करता आ रहा है और इसी वजह से उसे पहले भी शहर के तीन नामी शिक्षण संस्थानों से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।
पूर्व छात्राओं ने खोले आरोपी शिक्षक के पुराने राज
स्कूल में शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद शनिवार को कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसी बीच इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पूर्व छात्राओं के अनुभवों की बाढ़ आ गई। साल 2005 में देहरादून के एक स्कूल में पढ़ चुकी एक पूर्व छात्रा ने दावा किया कि उस दौर में भी शिक्षक का आचरण छात्राओं के प्रति संदिग्ध था।
वहीं एक अन्य युवती ने लिखा कि साल 2014 में उसने खुद प्रबंधन से शिक्षक के गलत व्यवहार की लिखित शिकायत की थी, जिसके बाद उसे तत्काल नौकरी से हटाया गया था। इंटरनेट मीडिया पर लगातार आ रहे इन बयानों ने शहर के शिक्षा जगत में खलबली मचा दी है।
प्रबंधन की खामोशी और पुराने मामलों की अनदेखी
आरोपों के घेरे में आए शिक्षक ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है। उसने हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए कहा कि उसके 25 साल के अध्यापन करियर में पहली बार ऐसे आरोप लगे हैं। हालांकि, जिस पूर्व संस्थान का जिक्र सामने आ रहा है, वहां के प्रबंधन ने यह स्वीकार किया है कि उक्त शिक्षक कुछ साल पहले उनके यहां पढ़ाता था और बाद में उसने स्कूल छोड़ दिया।
प्रबंधन ने प्रिंसिपल के अवकाश पर होने की बात कहकर विस्तृत टिप्पणी से इनकार कर दिया। वहीं प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि अगर पुराने संस्थानों ने शिक्षक को सिर्फ हटाने के बजाय कानूनी कार्रवाई की होती, तो आज किसी नई छात्रा के साथ यह नौबत नहीं आती।
पुलिस जांच शुरू, डिजिटल सबूत जुटाएगी स्पेशल टीम
विवाद तूल पकड़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इधर डालनवाला पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर पॉक्सो और छेड़छाड़ से जुड़ी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी शेखर चंद्र सुयाल ने साफ किया है कि इंटरनेट मीडिया पर आ रही सभी टिप्पणियों और दावों की साइबर सेल से जांच कराई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि पुराने संस्थानों या सोशल मीडिया के दावों में कोई ठोस साक्ष्य मिलता है, तो उसे भी मौजूदा जांच का हिस्सा बनाया जाएगा और शिक्षक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।









